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मेरा प्रदेशवासियों से अद्भुत रिश्ता

सीहोर : शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि उन्होंने सरकार नहीं परिवार चलाया है, भैया और मामा बनकर ही मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है। उनका प्रदेशवासियों से अद्भुत रिश्ता है। चौहान जिले के ग्राम जहाजपुर (बुधनी) में जन-संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासी जमुना बाई को शाल, श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया। श्री चौहान जब पहली बार विधायक के चुनाव के लिए जनसम्पर्क कर रहे थे, तब जमुना बाई ने उन्हें चुनाव लड़ने में अपने योगदान और सहयोग के रूप में 2 रूपए भेंट करते हुए, सफल होने का आशीर्वाद प्रदान किया था।
मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ रूपये से अधिक के निर्माण और विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया। इसके अंतर्गत ग्राम बायां में 2 सामुदायिक भवन और 2 करोड़ 49 लाख रूपये की लागत से बनने वाली रिटेनिंग वॉल, मट्ठा गांव में पंचायत भवन, मांगलिक भवन, ग्राम मरहानपुर में मांगलिक भवन और मछुआरा भवन तथा शिव मंदिर के समीप सामुदायिक भवन और जनोपयोगी सुविधाओं के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया गया।

साथ ही ग्राम नीमखेड़ी में सामुदायिक भवन, ग्राम फुलाड़ा और मोगरा में आँगनवाड़ी भवन, ग्राम भड़कुल में पंचायत भवन, सलकनपुर में कोरकू समुदाय के लिए सामुदायिक भवन तथा जहाजपुर में मांगलिक भवन का भूमि-पूजन किया। चौहान ने क्षेत्र के विभिन्न गाँव में सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, स्वच्छता संबंधित अधो-संरचना निर्माण सहित अन्य कार्यों का भूमि-पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों की जिंदगी बदलना, बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर इंतजाम, युवाओं को रोजगार के लिए कौशल सिखाने और बीमारी में इलाज की व्यवस्था एवं हरसंभव सहायता, वरिष्ठजनों की तीर्थ-यात्रा का इंतजाम, किसानों को जीरो प्रतिशत पर ब्याज दिलाना, उनके लिए समय पर खाद की व्यवस्था और हर गरीब के रहने के लिए जमीन के पट्टे की व्यवस्था करना मेरे लिए महत्वपूर्ण है। वे चैन की नींद लेने मुख्यमंत्री नहीं बने थे, मैंने कभी भी 24 घंटे में 4 घंटे से ज्यादा नींद नहीं ली, जनता की जिंदगी बदलना ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
चौहान ने कहा कि बहन-बेटियों को सशक्त करने के लिए ही लाड़ली लक्ष्मी योजना, कन्या विवाह योजना जैसी योजनाएँ संचालित की गईं। लाड़ली बहना योजना भी बहनों का मान-सम्मान और आत्म-विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से आरंभ की गई है। बहनों को धन के लिए किसी के सामने हाथ न फैलाने पड़ें ,वे आत्म-निर्भर हों, इस उद्देश्य से ही प्रतिमाह 1000 रूपए उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। जिसे बढ़ाकर 1250 रूपए किया गया है, क्रमबद्ध रूप से राशि बढ़ाते हुए बहनों को प्रतिमाह 3000 रूपए दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और किसान के बच्चों को प्राइवेट स्कूल जैसी शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सीएम राइज स्कूल बनाए जा रहे हैं। पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उन्हें राशि के साथ साइकिल, लेपटॉप, स्कूटी आदि देने की व्यवस्था भी की गई है। विद्यार्थियों द्वारा मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश लेने पर उनकी फीस राज्य सरकार द्वारा भरवाई जाएगी। हर गरीब का अपना घर हो यह सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भू-आवासीय योजना में पट्टे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। हमने गरीब किसान को उनका हक दिया है, प्रदेश में सेवा का यज्ञ चल रहा है। कार्यक्रम को सांसद रमाकांत भार्गव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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