गांधीनगर : भारतीय वायुसेना की 91वीं वर्षगांठ के अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने यहां वायुवीरों को शुभकामनाएं दी और कहा कि वीरत्व के भाव के साथ राष्ट्र की सेवा में समर्पित भारतीय वायु सेना ने भारत और भारतीयों का गौरव बढ़ाया है। देवव्रत ने गांधीनगर के नजदीक दक्षिण पश्चिम वायु कमान के हेडक्वार्टर में अधिकारियों और वायु वीरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय वायु सेना ने देश को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया है। इतना ही नहीं कोविड काल में ऑक्सीजन पहुंचाने में, विदेशों में फंसे भारतीयों को वतन वापस लाने औऱ यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को सुरक्षित वापस लाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
साथ ही गुजरात में आए बिपरजोय तूफान में बचाव एवं राहत अभियान में भी भारतीय वायु सेना का उल्लेखनीय योगदान रहा है। शौर्यवान और गौरवशाली भारतीय वायु सेना ने भारतीयों को हमेशा निश्चिंत रखा है। दक्षिण पश्चिम वायु सेना कमान के प्रमुख एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय वायु सेना की आज विश्व की शक्तिशाली सेनाओं में गणना होती है। इस गौरव के लिए अतीत और वर्तमान वायु योद्धाओं और नेतृत्व को वह नमन करते हैं। गुजरात के साथ ही राजस्थान और महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सम्भालने वाली दक्षिण पश्चिम वायु कमान मुख्य ऑपरेशनल वायु कमान है। जिनकी उपलब्धियों पर उन्हें गर्व है।
श्री तिवारी ने वायु सेना परिवार कल्याण संघ के माध्यम से होने वाले कल्याणकारी कार्यों की प्रशंसा करते हुए भारत की सुरक्षा, समृद्धि और सम्प्रभुता बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस मौके पर गुजरात के मुख्य सचिव राजकुमार, श्रीमती शर्मिल राजकुमार, श्रीमती रीचा नर्मदेश्वर तिवारी, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, भूतपूर्व वायु योद्धा, तीनों सेनाओं और सुरक्षाबलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्रुप केप्टन महेश परांजपे और विंग कमांडर बिभाष रॉय ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। इस अवसर पर वायु सेना की झलक प्रस्तुत करती दो फिल्में भी प्रदर्शित की गई। उल्लेखनीय है कि आठ अक्टूबर 1932 में चार हवाई जहाज, छह अधिकारियों और 19 सैनिकों के बल के साथ भारतीय वायु सेना की स्थापना हुई थी। आज 91वें वर्ष में भारतीय वायु सेना विश्व की सबसे शक्तिशाली वायु सेना मानी जाती है।
