नई दिल्ली : निर्मला सीतारमण अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए कल मोरक्को की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगी। इस दौरान सीतारमण विश्व बैंक समूह (डब्ल्यूबीजी) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की वार्षिक बैठकों के साथ-साथ जी20 बैठकों, इंडोनेशिया, मोरक्को, ब्राजील, स्विट्जरलैंड, जर्मनी और फ्रांस के साथ निवेशक/द्विपक्षीय बैठकों के अतिरिक्त अन्य संबंधित बैठकों में भी भाग लेंगी। 11 से15 अक्टूबर तक मोरक्को के माराकेच में यह बैठक हो रही है।
इन बैठकों में दुनिया भर के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंकर भाग लेंगे। वार्षिक बैठकें जो आम तौर पर अक्टूबर में होती हैं, परंपरागत रूप से लगातार दो वर्षों तक वाशिंगटन में और तीसरे वर्ष किसी अन्य सदस्य देश में आयोजित की जाती हैं। वार्षिक बैठकों के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वित्त मंत्री करेंगे और इसमें वित्त मंत्रालय तथा भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी शामिल होंगे।
सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास चौथी जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर्स (एफएमसीबीजी) बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। जी 20 एफएमसीबीजी बैठक में वैश्विक मुद्दों पर केंद्रित बहुपक्षीय चर्चाओं में जी 20 देशों, आमंत्रित देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 65 प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी होगी। चौथी जी20 एफएमसीबीजी बैठक में दो सत्र होंगे जिनमें 21वीं सदी की साझा चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) को मजबूत करना और वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्रिप्टो संपत्ति एजेंडा शामिल है।
बैठक के दौरान, स्वतंत्र विशेषज्ञ समूह (आईईजी) द्वारा एमडीबी को मजबूत करने पर रिपोर्ट का खंड 2 भी जारी किया जाएगा। खंड 1 गांधीनगर, गुजरात में आयोजित तीसरे एफएमसीबीजी के दौरान जारी किया गया था। इस बैठक के मौके पर भारतीय जी20 अध्यक्षता , अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक के प्रमुख 12 अक्टूबर को ग्लोबल सॉवरेन डेट राउंडटेबल की सह-अध्यक्षता करेंगे। राउंडटेबल ऋण पुनर्गठन पर हुई प्रगति पर चर्चा करेगा और जी20 देशों के काम का समर्थन करने के तरीकों और साधनों का पता लगाएं।
