कोटा : देश की 16.8 प्रतिशत आबादी मानसिक रोग का शिकार है जो गंभीर मसला है जिसे दूर करने के प्रयास करने पड़ेंगे।
कोटा रेल मंडल रेल चिकित्सालय में मंगलवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य वक्ता मनोचिकित्सक डॉ. विनायक पाठक ने बताया की वर्तमान में 16.8 प्रतिशत भारतीय अवसाद एवं मानसिक रोग के शिकार है जिसका मुख्य कारण तनाव, अवसाद, भय, गुस्सा, चिन्ता, अनियंत्रित व्यर्थ और नकारात्मक विचार, शरीर के पुराने दीर्घकालीन रोग, जीवन में विफलताएँ, परिवार में टकराव और व्यसन आदि हैं।
डॉ. पाठक ने बताया की रोगी को चिकित्सक को दिखाने के साथ-साथ अवसाद सहित अन्य मानसिक रोग के कारणों को दूर करने के प्रयास करने पड़ेंगे एवं रोगी को सकारात्मक विचारों एवं भावनाओं की ओर प्रेरित करना पड़ेगा। रोगी के आत्म सम्मान में वृद्धि के लिए उसको स्वप्रबंधन में सहयोग करना चाहिए, रिश्तों में सामंजस्य स्थापित करना चाहिए रोगी को खुशी-आराम आंतरिक शांति का अनुभव कराना चाहिए तथा यदि सम्भव हो तो राजयोग मेडिटेशन का भी दैनिक अभ्यास करना चाहिए।
16.8 प्रतिशत आबादी मानसिक रोग का शिकार
