दुमका : झारखंड में दुमका की एक अदालत ने मनरेगा योजना के तहत तालाब निर्माण योजना की राशि गबन करने के मामले में पूर्व पंचायत सचिव को दो साल की कैद और मुआवजे के तौर पर दो लाख जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी विजय कुमार यादव की अदालत में जामा थाना कांड संख्या 101/2017 में मंगलवार को सज़ा के बिंदु पर सुनवाई हुई।
सहायक लोक अभियोजक खुशबुद्दीन अली और बचाव पक्ष की ओर से बहस सुनने के बाद अदालत ने दोषी पाकर जामा प्रखंड के तपसी पंचायत के तत्कालीन पंचायत सचिव गोपाल राउत को भारतीय दंड विधान (भादवि) की धारा 409 के तहत दो साल के कारावास और मुआवजे के तौर पर दो लाख रुपए अदा करने की सजा सुनायी। मामले में एक अन्य आरोपी को साक्ष्य के अभाव में रिहा करने का फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में पांच गवाह पेश किये गये और प्रतिपरीक्षण कराया गया। जामा के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी डा शिशिर कुमार सिंह के लिखित आवेदन पर एक दिसम्बर 2017 को जामा थाना में भादवि की धारा 409,420,467,468,471और 120 बी के तहत तपसी पंचायत के तत्कालीन पंचायत सचिव गोपाल राउत और कथित बिचौलिया पंकज यादव के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।
