मुंबई : देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 8.7 प्रतिशत बढ़कर 11,342 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। टाटा समूह की इस प्रमुख कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 10,431 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी ने निदेशक मंडल की बैठक के बाद बुधवार को जारी वित्तीय लेखा जोखा में कहा कि दूसरी तिमाही में उसकी परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 7.9 प्रतिशत बढ़कर 59,692 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 55,309 करोड़ रुपये थी।
कंपनी ने 17,000 करोड़ रुपये मूल्य के बराबर शेयर बायबैक का भी ऐलान किया है। कंपनी 4150 रुपये प्रति शेयर के भाव पर शेयर बायबैक करेगी। बीते दो वर्षों में ये दूसरा मौका है जब टीसीएस ने शेयर बायबैक का फैसला किया है। कंपनी ने मौजूदा भाव से 15 फीसदी प्रीमियम पर शेयर बायबैक करने का फैसला किया है। टीसीएस के सीईओ और एमजी के कृतिवासन ने नतीजों पर कहा,”हमारे ग्राहक अपने आईटी और बिजनेस ऑपरेटिंग मॉडल्स में नई टेक्नोलॉजी पहल और बड़े कार्यक्रमों को डिजिटली ट्रांसफॉर्म करने के लिए हमपर भरोसा बनाये हुए हैं।
हमें दूसरी तिमाही में बहुत बड़ी ऑर्डर बुक प्रदान की है। हमारी सर्विसेज की डिमांड , हमारे ग्राहकों की दीर्घकालिक कार्यक्रमों के लिए प्रतिबद्ध होने की इच्छा और एआई और नई प्रौद्योगिकियों के साथ प्रयोग लंबी अवधि में बेहतर संभावनाओं के हमारे भरोसे को बढ़ाती है।”
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को 9 रुपये प्रति शेयर अंतरिम लाभांश भी देने का फैसला किया है। कंपनी ने कहा कि सितंबर तिमाही के दौरान उसकी ऑर्डर बुक में काफी उछाल आया है। कंपनी के मुताबिक जुलाई से सितंबर 2023 के तीन महीनों के दौरान उसकी ऑर्डर बुक 11.2 अरब डॉलर की रही, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में उसने 8.1 अरब डॉलर के ऑर्डर ही हासिल किए थे।
