सिरसा : दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यकता अनुसार सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की फ़ीडर, नहरों और माइनरों की रिमॉडलिंग तथा रिहैबिलिटेशन की जाए ताकि सिंचाई का पानी टेल तक पहुंच सके और अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके। राजस्थान राज्य की सीमा में पडऩे वाली नोहर फीडर की रिमॉडलिंग तथा रिहैबिलिटेशन करने के लिए राजस्थान सरकार को भी पत्र लिखा गया है। चौटाला सोमवार को अपने चंडीगढ स्थित कार्यालय में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
गौरतलब है कि चार रोज पहले उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा हरियाणा-राजस्थान सरहद के गांव फेफाना से राजस्थान विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत आरम्भ की ‘संकल्प यात्रा’ के दौरान किसानों के एक शिष्टमंडल ने उनसे मिलकर नोहर फीडर में टेल तक पर्याप्त सिंचित जल न पहुंचने का रोना रोया था। किसानों से मिली शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सिरसा व साथ लगते राजस्थान की नहरों,फीडरों एवं माइनरों की सफाई तथा टेल पर पानी न पहुँचने के कारणों की समीक्षा के लिए सिंचाईं एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
बैठक में विभाग के आयुक्त एवं सचिव पंकज अग्रवाल , उपमुख्यमंत्री के ओएसडी कमलेश भादू ,भाखड़ा जल सेवाएं के मुख्य अभियंता नितीश जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। चौटाला ने समीक्षा के बाद अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिरसा जिला से होकर राजस्थान की तरफ जाने वाली नोहर फीडर की रिमॉडलिंग तथा रिहैबिलिटेशन की जाए ताकि टेल तक पानी पहुंचे।
उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य की सीमा में पडऩे वाली इस फीडर की रिमॉडलिंग तथा रिहैबिलिटेशन करने के लिए राजस्थान सरकार को भी पत्र लिखने का कहा। इसी प्रकार सिरसा जिला की ही बरूवाली डिस्ट्रीब्यूटरी का रिहैबिलिटेशन और फतेहाबाद ब्रांच की आरडी 220000 से आरडी 301000 तक पहले फेज में एवं आरडी 160000 से आरडी 220000 तक का दूसरे फेज़ में रिहैबिलिटेशन किया जाएगा। उक्त कार्य होने से सिंचाई के लिए प्रयुक्त होने वाले नहरी पानी का रिसाव तथा व्यर्थ बहाव नहीं होगा और टेल तक पानी पहुंचेगा।
