चंडीगढ़ : गुरमीत सिंह मीत हेयर ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में लड़ी पटाखों (श्रृंखला पटाखे) के निर्माण, स्टॉक, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि अनुमति प्राप्त पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों के माध्यम से ही की जायेगी। उन्होंने कहा कि फ्लिपकार्ट, अमेजऩ और अन्य कोई भी ई-कॉमर्स वेबसाइट राज्य के भीतर किसी भी ऑनलाइन ऑर्डर को स्वीकार नहीं करेगी और ऑनलाइन बिक्री नहीं करेगी।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को राज्य के चयनित शहरों में अल्पकालिक निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी अनुमति प्राप्त समय के दौरान और निर्दिष्ट स्थानों पर अनुमति प्राप्त कम प्रदूषण करने वाले पटाखों की बिक्री और उपयोग सुनिश्चित करेंगे एवं दिशा-निर्देशों के किसी भी उल्लंघन पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मीत हेयर ने कहा कि उच्चतम न्यायालय, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी), पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय और पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एंड सीसी) के विभिन्न दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, राज्य सरकार कम प्रदूषण करने वाले पटाखों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि दिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नये साल की पूर्व संध्या का त्योहारी सीजन नजदीक आ रहा है, जिसके दौरान विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण विभाग केवल कम प्रदूषण करने वाले पटाखों की अनुमति देगा, जिनमें बेरियम सॉल्ट या कम्पाऊंड ऑफ एंटीमनी, लिथियम, पारा, आर्सेनिक, सीसा या स्ट्रोंटियम क्रोमेट के यौगिकों का उपयोग नहीं किया जाता है।
उन्होंने कहा कि दिवाली (रात 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक), गुरुपर्व (सुबह 4:00 बजे से सुबह 05:00 बजे तक और रात 9:00 बजे से रात 10:00 बजे तक), क्रिसमस की पूर्व संध्या (रात 11:55 बजे से 12:30 बजे तक) और नए साल की पूर्व संध्या (रात 11:55 बजे से 12:30 बजे तक) पर केवल कम प्रदूषण करने वाले पटाखे फोड़े जा सकते हैं।
पंजाब में पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध
