एटा : उत्तर प्रदेश के एटा जिले में किसी पुलिस को कोई सूचना दिये लंबे समय से खेतों में झोपड़ियां डालकर रह रहे संदिग्धों पर आखिरकार पुलिस की नजर पड़ी और आज इन लोगों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापे मारे गये । छापेमारी के दौरान इनके घरों की बारीकी से तलाशी ली गयी और उपस्थित मिली महिलाओं और पुरुषों से पूछताछ भी की गयी। यहां मिले कई संदिग्ध लोगों को हिरासत मे लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस को शक कि आसाम से भगाये जाने पर ये लोग यहां आकर बस गए और यहाँ पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं।
एटा के एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आसाम से आकर कुछ लोग करीब 25 परिवार के 60 से 70 लोग यहां काफ़ी दिनों से रह रहे हैं। ये कबाड़े का काम कर रहे हैं। इनके पास आधार कार्ड, पेन कार्ड और बैंक अकाउंट भी हैं, जिनमे कुछ फर्जी भी लग रहे हैं। एलआईओ, आई बी और एसआईओ की टीमें भी हमारे साथ इनका पता लगाने मे जुटीं हुई हैं और यदि ये बांग्लादेशी और रोहिंग्या हुए तो इनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इनको शीतलपुर मे पप्पू और भूरा नाम के दो व्यक्तियों ने यहां किराये पर रखकर बसाया है। ये 03 हजार और 04 हजार का किराया इनको देते हैं। पुलिस के अनुसार इनका आसाम से भी वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। ये आपने आपको आसाम के गागोई और गौहाटी का बता रहे हैं। पुलिस को शक है कि केवल कबाड़ा बीनने से 70 लोगो की रोजी रोटी नहीं चल सक़ती उसके लिये ये अपराध का सहारा लेते हैं।
