5 राज्यों में 35 खानें होंगी नीलाम
नई दिल्ली : कोयला मंत्रालय पांच राज्यों बिहार, झारखंड , महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कुल 35 कोयला खानों के लाइसेंस की नीलमी बुधवार 15 नवंबर को कराएगा। यह जानकारी सोमवार को मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में दी गयी। कोयला ब्लाकों की नीलामी का यह आठवां दौर होगा। विज्ञप्ति के अनुसार यह यह कोयला क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा। कोयला मंत्रालय ने वर्ष 2027 तक कोयले का वार्षिक उत्पादन वर्तमान करीब एक अरब टन से बढ़ा कर 140.4 करोड़ टन और वर्ष 2030 तक 157.7 करोड़ टन तक पहुंचाने की योजना बनाई है।
जून 2018 में वाणिज्यिक खनन की पहली सफल नीलामी शुरू कराने के साथ ही कोयला क्षेत्र 2020 में वाणिज्यिक कोयला खनन के लिए खुल गया है। तब से कोयला मंत्रालय ने वाणिज्यिक कोयला खनन नीलामी के सात दौर आयोजित किए हैं और 91 खदानों की नीलामी की गई है, जिनकी अधिकतम क्षमता 22.1 करोड़ टन प्रति वर्ष है।
आठवें दौर के लिए तैयार सूची में बिहार में तीन, झारखंड में 7 , महाराष्ट्र में 5, ओडिशा में 19 और पश्चिम बंगाल में 5 कोयला खानों की नीलामी की जाएगी। कुल 39 में से 12 खानों की नीलामी कोयला खान (विशेष प्रावधान) अधिनिमय 2015 के तहत तथा 27 की नीलामी खान एवं खनिज विकास अधिनिमय 1957 के प्रावधानों के तहत की जानी है। पर मंत्रालय का कहना है कि इस दौर में 35 खाने नीलामी के लिए उपलब्ध होंगी।
1957 के कामनून में 2015 के संशोधन से कोयला क्षेत्र को खोलने में सहायक बना है तथा वाणिज्यक खनन को प्रोत्साहन मिला है। इससे सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और कोयले के अंतिम उपयोग पर किसी भी प्रतिबंध के बिना कोयला खदानों की नीलामी की अनुमति देने का रास्ता साफ हुआ। इन खदानों से निकलने वाले कोयले का उपयोग निजी खपत, बिक्री या किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जा सकता है। वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत से कई लाभ हुए हैं जिनमें कोयला समृद्ध राज्यों को राजस्व का लाभ भी शामिल है जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिली है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नीलामी के आगामी दौर में बोलियां लगाने के लिए कुल 35 कोयला खदानें होंगी, जिसमें सीएम (एसपी) अधिनियम 2015 के तहत 11 और एमएमडीआर अधिनियम 1957 के तहत 24 कोयला खदानें शामिल हैं। इनमें से 14 कोयला खदानें पूरी तरह से तैयार हैं, जबकि 21 आंशिक रूप से तैयार हैं। इसके अलावा, वाणिज्यिक कोयले के सातवें दौर के दूसरे प्रयास के तहत 4 कोयला खदानों को बोली लगाने के लिए रखा जा रहा है, जिसमें एक सीएमएसपी कोयला खदान और तीन एमएमडीआर कोयला खदानें शामिल हैं। इनमें से एक पूरी तरह से तैयार है और तीन आंशिक रूप से तैयार हैं।
