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यात्रियों के सम्मान को कुचल रहा है रेलवे

नई दिल्ली : प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को कहा कि त्योहारों का सीजन चल रहा है और यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेल सुविधा नहीं मिल रही है और सरकार दिखावे के लिए चुनिदा स्टेशनों की खूबसूरत तस्वीर पेश करके यात्रियों के सम्मान को तबाह कर रही है। वाड्रा ने आज यहां जारी बयान में कहा, “सरकार ने लालच, पैसे और प्रचार के खेल में देखते-देखते भारतीय रेलवे को तबाह कर दिया है।

मनमाना किराया, एक के बाद एक दुर्घटनाएँ, लेट-लतीफी, स्टेशनों पर भीड़ और अकल्पनीय अव्यवस्था। साथ ही, हर तरह की लापरवाही, कुप्रबंधन और अराजकता। त्योहारों का समय चल रहा है। अभी-अभी दीपावली बीती है और छठ पूजा चल रही है। लोग-बाग अपने-अपने घर जा रहे हैं और घर से वापस लौट रहे हैं, लेकिन रेलवे उन्हें जानमाल का भरोसा भी नहीं दे पा रही है।”
उन्होंने कहा, “यात्रियों को किराये और स्पेशल ट्रेन के नाम पर लूटा जा रहा है। लोग खिड़कियों से ट्रेन के भीतर घुस रहे हैं और सामान की तरह बोगियों में ठूँसे जा रहे हैं। यात्रा की एवज में नागरिक के आत्मसम्मान को कुचलकर धूल में मिलाया जा रहा है। दूसरी ओर बहुत ज्यादा पैसा ख़र्च करके चुनिंदा स्टेशनों की इमारतों के फ़ेसलिफ्ट का और कुछ नयी ट्रेनों का इतना विशाल प्रचार किया जा रहा है मानों भारतीय रेलवे किसी जादू से बदल गई हो। खोखले प्रचार का ऐसा चीत्कार देश के इतिहास में दुर्लभ है। यह भारत की नहीं, लालच और पैसे की वंदना है, जिसके शोर के नीचे लाखों भारतीय नागरिकों की रेलयात्राओं के दौरान हो रही दुर्दशा, क्रंदन, चीख-पुकार दब कर रह जाती है।”
वाड्रा ने कहा, “सत्ता इसे देखना-सुनना नहीं चाहती है, मीडिया इसे दिखाना-बताना नहीं चाहती है। एक झूठी, नकली, ऊपर से थोपी गई उत्सवनुमा खबरों, तस्वीरों और वीडियो से एक नकली ‘अमृतकाल’ की वंदना की रही है। रेलमंत्री महोदय! ‘अमृतकाल’ की वंदना कीजिए। मगर इसे अमीरों का जुमला मत बनाइये। किसान, कामगार, मजदूर, स्त्री, बच्चे और देश के विराट मध्यवर्ग को पूरे सम्मान, भरोसे और सुरक्षा के साथ ट्रेन में बैठाइये। भारतीय रेलवे उसी आम जनता की निधि है। असली भारत वंदना यही है।”

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