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धूमधाम से मनायी गयी महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती

झांसी : देश और दुनिया में अपने अदम्य साहस और वीरता के बल पर शौर्य की अमिट गाथा लिखने वाली महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती आज उनकी कर्मभूमि झांसी में हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी । इस अवसर पर सरकारी और गैर सरकारी संगठनों तथा आमजन ने विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया और बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जनपद वासियों को वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जन्म दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शौर्य और वीरता झलकता है महारानी लक्ष्मी बाई के नाम में, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की डोरी थी जिनके हाथ में, महारानी लक्ष्मी बाई को सादर नमन।
यहां स्थित बुंदेलखंड महाविद्यालय (बीकेडी) में सुबह से ही रानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष को दिखाते कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और इसके बाद तिरंगा यात्रा निकाली। एनजीओ स्किल्ड इंडिया ने इस अवसर पर रानीलक्ष्मी बाई के अदम्य साहस को नमन करते हुए परिसर में विभिन्न क्षेत्रों में उच्चतम काम करने वाली वीरांगनाओं को समर्पित एक प्रदर्शनी का आयोन किया।
दुनिया में छात्रों के सबसे बड़े संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रा -छात्राओं ने भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जो बीकेडी से शुरू होकर इलाइट चौराहा होते हुए महारानी लक्ष्मीबाई पार्क पर संपन्न हुई। इस यात्रा में एक हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
जिला एकीकरण समिति झांसी ने जिलापंचायत अध्यक्ष पवन कुमार गौतम की अध्यक्षता में विकासभवन सभागार में महान विभूति वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिवस समारोह का आयोजन किया। समारोह का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा महारानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया, साथ ही एकीकरण समिति के अध्यक्ष द्वारा राष्ट्रीय अखंडता की शपथ दिलाई गई तत्पश्चात अतिथियों का पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई के किले , रानीमहल और महारानी लक्ष्मीबाई से जुड़े सभी ऐतिहासिक स्थलों को रोशनी से सजाया गया। इसके अलावा शहर के सभी चौराहों पर विशेष सजावट की गयी। इस अवसर पर आज किला और रानी महल में आम लोगों के प्रवेश के लिए लिया जाने वाला शुल्क भी माफ किया गया। इस कारण इन जगहों पर रविवार के अवकाश के दिन बड़ा जमावड़ा लगा। फ्री एंट्री का लाभ लेते हुए बडी संख्या में लोग किले और रानीमहल में पहुंचे।

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