रायबरेली : उत्तर प्रदेश में रायबरेली के लालगंज इलाके में दिनदहाड़े सर्राफा व्यापारी से 65 लाख की सोना लूट को अंजाम देने वाले शातिर लुटेरों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गयी जिसमें एक बदमाश पर शिकंजा कसने में पुलिस को कामयाबी मिली जबकि दो अन्य मौके से फरार होने में कामयाब हो गये।
अपर पुलिस अधीक्षक नवीन कुमार सिंह ने पिछले दिनों हुई तथाकथित 65 लाख के सोने की सर्राफा व्यापारी से हुई लूट का खुलासा करते हुए बताया कि लूट के दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद लालगंज के सातन ओवरब्रिज के पास से गिरफ्तार किया है। इस मुठभेड़ में एक आरोपी इमरान उर्फ बाबू अल्टर के पैर में गोली लगी है जिसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि मुठभेड़ के समय इमरान के साथ के दो अन्य साथी रिजवान उर्फ मोनू लंगड़ा और दिलशाद मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस बड़ी लूट की वारदात में पुलिस की साख दांव पर लग गयी थी जब लुटेरों का कोई सुराग पुलिस के हाथ नही आ रहा था। लूट का मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर इमरान दूसरे जिले कानपुर नगर का रहनेवाला था जबकि इस वारदात का सहयोगी आरोपी पम्मू सोनी जिसने मुख्य आरोपी इमरान को पीड़ित अनन्तराम सोनी के बारे में अवगत कराया था । वह फतेहपुर का रहनेवाला था और वह वादी अनन्त राम के मामा का लड़का था। मगर यह चूंकि अंधी वारदात थी लिहाजा शुरुआत में मामले का खुलासा बड़ा जटिल लग रहा था। लेकिन सटीक जांच के आधार पर पुलिस ने पहले बीती रात पम्मू सोनी को लालगंज मोड़ से गिरफ्तार किया उसके बाद वारदात को अंजाम देने वाले इमरान और उसके दोनो साथियों का भी खुलासा हो गया।
गौरतलब है कि पीड़ित अनन्त राम सोनी सर्राफा व्यापारी है, उनकी रेकी पम्मू सोनी के इशारे पर इमरान कर रहा था। जिस दिन इंडिया ऑस्ट्रेलिया का क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल था ,उस दिन बाजार मे चहल पहल कम होने का फायदा उठा कर अनन्त राम सोनी का तथाकथित 65 लाख का स्वर्ण आभूषण का बैग इमरान समेत तीन लोगों ने लूट लिया। लुटेरे क्योंकि बाहरी व्यक्ति थे इसलिए इसकी कोई शिनाख्त नही कर पा रहा था।
अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार लखनऊ रेंज की एसओजी, स्वाट व सर्विलांस टीम समेत 7 टीमो को इस बड़ी वारदात के खुलासे में लगा दिया। इन टीमो ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के माध्यम से व टावर की रेंज पर आए करीब 10 हज़ार नम्बरों का सजगता से निरीक्षण किया और आखिरकार इस वारदात के लुटेरों का खुलासा मानवीय और टेक्निकल इंटेलिजेंस की सहायता से कर लिया।
बताया गया कि यह लोग कानपुर और उसके आसपास के जिलों में लूट करते थे। इमरान के बारे में बताया गया कि यह शातिर अपराधी है जिसके खिलाफ करीब डेढ़ दर्जन से अधिक आपराधिक मामले विभिन्न जगहों पर चल रहे है।वादी के ममेरे भाई पम्मू सोनी और इमरान की दोस्ती फतेहपुर जेल में हुई फिर दोनो साथ काम करने लगे। पम्मू खुद भी सर्राफा व्यापारी था इसलिए उसको सर्राफा व्यापारियों की जानकारी आसानी से मिल जाती थी।
पुलिस को आरोपी के पास से करीब 62 लाख का सोना और सोना गलाने के उपकरण सहित घटना में प्रयुक्त कपड़े व अन्य महत्वपूर्ण वस्तुएं बरामद की है। साथ ही देशी कट्टा और कारतूस भी बरामद किया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सर्राफा व्यापारी लूट खुलासा: दो लुटेरे गिरफ्तार
