नयी दिल्ली: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वन महोत्सव के समापन समारोह स्थल पर रातों-रात दिल्ली पुलिस द्वारा कब्जा किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश पर पुलिस ने वन महोत्सव के समापन समारोह स्थल को अपने कब्जे में लिया और प्रधानमंत्री का बैनर लगाया। पर्यावरण मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन कर आज कहा कि दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में प्रदूषण के खिलाफ सरकार चौतरफा काम कर रही है। इसका सकारात्मक परिणाम भी देखा जा सकता है। पिछले 4-5 सालों के दौरान करीब 25 प्रतिशत से ज्यादा पीएम-10 और पीएम-2.5 का स्तर कम हुआ है। दिल्ली में प्रदूषण कम करने में वृक्षारोपण अभियान ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिल्ली में चल रहें वृक्षारोपण अभियान के फलस्वरूप दिल्ली में जहां साल 2013 में हरित क्षेत्र 20 फीसद था, वहीं, हमारी सरकार के प्रयासों के कारण साल 2021 में यह बढ़कर 23.06 फीसदी हो गया है। साथ ही, साल 2014 से लेकर अब तक केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के अंदर सभी सम्बंधित विभागों की हरित एजेंसी द्वारा 2 करोड़ 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य भी हासिल किया है, जबकि इस साल वृक्षारोपण महा अभियान के तहत 35 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए वृक्षारोपण महा अभियान को गति देने के लिए 11 जुलाई से वन महोत्सव के तहत वृक्षारोपण महा अभियान की शुरुआत सेंट्रल रिज से की। 15 दिनों तक चलने वाले इस वन महोत्सव का समापन 24 जुलाई असोला भाटी माइन्स में एक लाख से अधिक पौधे लगाकर किया जाना था। इस समापन समारोह में उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नेतृत्व करने वाले थे, लेकिन यह बेहद दुःखद है कि दिल्ली सरकार के इस सरकारी आयोजन में 23 जुलाई की रात प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश पर कार्यक्रम स्थल पर पुलिस भेजी गई और पुलिस ने मंच को अपने कब्ज़े में लेकर तैयारियों में लगे सभी लोगो को हटाया दिया और मंच पर लगे दिल्ली सरकार के बैनर को हटाकर पुलिस ने मोदी जी की फोटो वाले बैनर को लगा दिया। साथ ही वहां मौजूद लोगो को भी धमकाया गया कि अगर प्रधानमंत्री के बैनर को कोई हटाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि यदि मंच की तस्वीर को ध्यान से देखेंगे, तो एलईडी टीवी दिखाई देगा, जिसको वहां लगाने का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम में आने वाले बच्चों को वीडियो और फोटोज के माध्यम से वृक्षारोपण के बारे में जागरूक करना था। लेकिन रात को पुलिस के द्वारा अचानक से एलईडी टीवी के ऊपर ज़बरदस्ती श्री मोदी के बैनर को लगाकर प्रधानमंत्री कार्यालय क्या सन्देश देना चाहता है, यह दिल्ली सरकार की समझ से परे है। रात के अंधेरे में पुलिस का काम लोगो को सुरक्षा देना है, ना की मोदी जी का बैनर लगाना है। अब यह आलम है कि कोई भी व्यक्ति पुलिस की इजाज़त के बिना कार्यकम स्थल पर नहीं जा सकता है। चारो तरफ दिल्ली पुलिस की घेराबंदी है और अब यह सूचना मिली है कि पुलिस द्वारा मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बैनर्स को फाड़ कर फेका जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार के कार्यक्रम स्थल पर जबरदस्ती पुलिस के बल पर कब्ज़ा किया गया। हमें इस बात का दुख हो रहा है कि देश के प्रधानमंत्री पुलिस के बल पर जबरदस्ती अपना फोटो लगवाकर क्या साबित करना चाहते हैं? यह दिल्ली सरकार का कार्यक्रम था। मोदी सरकार को अचानक से केजरीवाल सरकार से इतना डर क्यों लगा रहा है, यह हमारी सरकार की समझ में नहीं आ रहा है? लगातार पिछले कुछ समय से यह देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी और दिल्ली सरकार के मंत्रियो को बदनाम करने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले सत्येंद्र जैन को झूठे केस में गिरफ्तार कर लिया गया और अब दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी का षड़यंत्र चल रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सिंगापुर जाना था, लेकिन उसकी भी फ़ाइल रोक दी गई। इससे भी मन नहीं भरा तो अब दिल्ली सरकार के कार्यक्रम में जबरदस्ती अपना फ़ोटो लगवा रहे है। मोदी सरकार की ऐसी हरकत से आज के इस वृक्षरोपण महा अभियान को राजनितिक कार्यक्रम बना दिया गया है और इसी कारण हमने यह निर्णय लिया है कि आज के मोदी जी के इस राजनितिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मंत्री शामिल नहीं होंगे। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारी सरकार वृक्षारोपण के इस महाअभियान को आगे जारी नहीं रखेगी। अब तक वन महोत्सव के दौरान दिल्ली सरकार ने लगभग नौ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य हासिल किया है और सरकार इस वर्ष 35 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी विभागों के साथ मिलकर अपना अभियान जारी रखेगी।
