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सीबीआई के सामने पेश हुए अभिषेक

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी शनिवार को राज्य सरकार की ओर से सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती घोटाले में पूछताछ के लिए यहां के निजामा पैलेस स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दफ्तर पहुंचे। सीबीआई ने इस मामले में पूछताछ के लिए मुखर्जी को तबल किया था। इससे पहले मुखर्जी ने शुक्रवार को उन्हें (मुखर्जी) को गिरफ्तार करने की चुनौती दी थी। उल्लेखनीय है कि श्री बनर्जी 25 अप्रैल से ‘तृणमूल नबो ज्वार’ के हिस्से के रूप में दो महीने तक चलने वाली ‘जोनो संजोग यात्रा’ हैं। सीबीआई द्वारा तबल किए जाने के कारण बनर्जी को “जोनो सोनजोग यात्रा” को बीच में रोकना पड़ा और शुक्रवार रात तक कोलकाता लौटना पड़ा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे ने बांकुड़ा जिले में एक जनसभा के दौरान कहा कि अगर सीबीआई उन्हें गिरफ्तार कर सकती है तो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए। उन्होंने कहा, ‘ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई सालों से मेरे पीछे पड़े हैं। उन्होंने किसी को भी नहीं बख्शा- न तो मेरी पत्नी को, न मेरे सचिव को और न ही मेरे वकील को। तीन-चार साल से लगातार हो रही उनकी जांच अब मजाक बन गई है। ‘ सीबीआई की ओर से समन मिलने के बाद बनर्जी ने कहा, ” मुझे सीबीआई की ओर से कल, 20 मई20 23 को पूछताछ के लिए उनके सामने पेश होने का समन मिला है। एक दिन पहले नोटिस नहीं दिए जाने के बावजूद मैं समन का पालन करूंगा। जांच के दौरान पूरा सहयोग करूंगा। जहां तक मेरी ‘जोनो सोनजोग यात्रा’ का संबंध है, यह 22 मई को बांकुरा में उसी स्थान से फिर से शुरू होगी, जहां मैं आज रुका था। इस घटना से बेफिक्र होकर मैं पश्चिम बंगाल के लोगों की और अधिक समर्पण, उत्साह तथा प्रतिबद्धता के साथ सेवा करूंगा।’
गौरतलब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा द्वारा शिक्षक भर्ती घोटाले में उनसे (बनर्जी) पूछताछ करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अनुमति देने के न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली के आदेश को चुनौती देने वाली बनर्जी की याचिका को गुरुवार को खारिज करने के एक दिन बाद सीबीआई ने उन्हें समन जारी किया। यह अपील तृणमूल युवा इकाई के नेता कुंतल घोष ने भी दायर की थी और दोनों अपीलों को अदालत ने खारिज कर दिया था। उच्च न्यायालय ने बनर्जी और घोष दोनों पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और कहा कि सीबीआई और ईडी जब चाहें तृणमूल सांसद से पूछताछ कर सकते हैं। न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश को बरकरार रखा।

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