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मिलावटखोर कर रहें हैं सेहत से खिलवाड़

झुंझुनू : झुंझुनू जिले में पिछले ढाई महीनों में लिए विभिन्न खाद्य एवं पेय पदार्थों के सैंपल्स की जांच रिपोर्ट से साफ जाहिर होता है कि आम आदमी की सेहत से बेखौफ खिलवाड़ किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसका बड़ा कारण है मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा सेल ने वर्ष 2023 में ढाई महीनों में कुल 159 सैंपल लिए थे। अभी तक 108 की रिपोर्ट आई है। इनमें से 33 सैंपल फेल हो गए हैं। फेल हुए सैंपल्स के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए खाद्य सुरक्षा सेल अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) को रिपोर्ट भेजी गई है।
खाद्य सुरक्षा सेल द्वारा लिए गए सैंपल्स के किसी भी स्तर पर फेल होने पर संबंधित दुकानदार, व्यापारी के खिलाफ अर्थ दंड या कैद अथवा दोनों का प्रावधान है। इसके अनुसार आठ लाख रुपए तक आर्थिक दंड या उम्रकैद हो सकती है या फिर दोनों सजाएं भी हो सकती हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि क्वालिटी के स्तर पर यदि सैंपल फेल हो जाता है तो अधिकतम पांच लाख रुपए और मिस ब्रांड (पैकेट पर पैक करने की दिनांक, एक्सपायरी डेट आदि जरूरी जानकारी नहीं होने) होने पर तीन लाख रुपए के अर्थ दंड या कम से कम छह माह की कैद अथवा दोनों भी भुगतने पड़ सकते हैं। किसी खाद्य पदार्थ के सेवन से यदि उपभोक्ता की मौत हो जाती है तो अर्थ दंड के साथ ही उम्रकैद का भी प्रावधान है।

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