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आंदोलनरत किसानों ने कराया मुंडन

महोबा : उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड के महोबा में अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत किसानों ने रविवार को सामूहिक रूप से मुंडन करा अनूठे तरीके से सरकार का ध्यान आकर्षित कराया। किसानों ने धरना स्थल में बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया और समस्याओं का हल न होने पर आर- पार के संघर्ष के एलान को दोहराया।

कृषि बीमा योजना के क्लेम आपदाओं का मुआवजा फसल खरीदी का भुगतान व मटर फसल की एमएसपी 8000 रुपये किये जाने समेत पांच प्रमुख मांगो को लेकर यहां अनिश्चित कालीन धरना दे रहे किसान अधिकारियों के उपेक्षात्मक रवैय्ये से असहज है। चार दिन गुजरने के बाद भी सुनवाई न होने पर नाराज किसानों ने शासन व प्रशासन के ध्यान आकर्षण के लिए आज अहिंसावादी तरीका अपनाते हुए सामूहिक मुंडन कराया।

किसानों ने इसके पहले धरना स्थल पर ही बुद्धि.शुद्धि यज्ञ किया। जिसमें पुरोहित को बुला विधिवत अनुष्ठान कराया गया। रविवार का अवकाश होने के बावजूद किसानों के इन दोनों कार्यक्रमों को लेकर धरना स्थल में काफी गहमा-गहमी का माहौल बना रहा।

किसानों के आंदोलन को लेकर महोबा मुख्यालय की सदर तहसील वैसे भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी है। बिस्तर ,चारपाई व भोजन सामग्री के साथ यहां डेरा जमाए किसान दिन में हो.हल्लाए नारेबाजी और भाषण बाजी कर अपनी आवाज को बुलंद करते है तो वहीं देर रात तक उनके केम्प में गीत.संगीत होने से माहौल खुशनुमा बना रहता है।
इस बीच आंदोलनकारियों के अगुआ किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत ने आज कहा कि किसान आंदोलन को लेकर स्थानीय प्रशासन का उपेक्षापूर्ण रवैया ठीक नही है। चार दिन पूरे होने के बावजूद किसी जिम्मेवार अधिकारी ने धरना स्थल पर आकर आंदोलनकारी किसानों से वार्ता करने का भी प्रयास नही किया। इसके बावजूद किसान हार नही मानेंगे और अबकी वे आर-पार की लड़ाई में अपने अनुकूल परिणाम हासिल करके ही घर वापस जाएंगे।

उधर समय गुजरने के साथ ही महोबा में चल रहे किसान आंदोलन को विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के समर्थन मिलने का सिलसिला भी शुरू हुआ है। जिले में समाजवादी पार्टी जहां आंदोलनकारी किसानों के साथ आ गई है तो जिला अधिवक्ता समिति ने भी अपना पत्र सौप उनका समर्थन किया है। सपा कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाध्यक्ष शोभालाल यादव के नेतृत्व में धरना में हिस्सा लिया जा रहा है।
आज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इरेन्द्र बाबू अनुरागी के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ताओ ने भी किसानों के साथ धरना दिया। वकीलों ने इस दौरान धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि अन्नदाता के प्रति शासन.और प्रशासन का रुख दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वकीलों का संगठन किसानों की इस लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा।

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