नयी दिल्ली : विश्वस्तर पर सौर ऊर्जा के विकास के लिए भारत द्वारा प्रेरित संगठन अंतर्राष्ट्रीय सौर-ऊर्जा गठबंधन (आईएसए) तथा अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के बीच स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग के एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार मॉन्ट्रियाल में आयोजित आईसीएओ की महासभा के 42वें सत्र में अलग से आयोजित समारोह में इस करार पर 26 सितबंर को हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, फ्रांस के यातायात मंत्री महामहिम मीशियो क्लेमेंट ब्यून, आईसीएओ परिषद के अध्यक्ष सल्वोटोर साशीतानो की उपस्थिति में किये गये।
समझौता-ज्ञापन पर आईसीएओ के महासचिव जुआन कार्लोस सालाज़ार और आईएसए के संचालन प्रमुख जोशुआ वायक्लिफ ने किये। श्री सिंधिया ने मई 2022 में मॉन्ट्रियाल में आईसीएओ के अध्यक्ष के साथ अपनी मुलाकात के दौरान उन्होंने यह विचार व्यक्त किया था कि आईसीएओ को आईएसए का साझीदार संगठन बन जाना चाहिये। उसके बाद भारत और फ्रांस के मंत्रियों के समक्ष आईएसए और आईसीएओ ने समझौते पर हस्ताक्षर कर दिये।
वर्ष 2015 में पेरिस में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन-कॉप 21 के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंक्वा होलांदे के साथ मिल कर अंर्राष्ट्रीय सौर ऊर्जा गठबंधन पहल की घोषणा की थी। आईएसए में 121 देश जुड़ चुके हैं। भारत ने ग्लास्गो में कॉप 26 में संकल्प लिया है कि वह 2070 तक शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करेगा। आईसीएओ कई पहलों और लक्ष्यों के जरिये विमानन सेक्टर में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिये प्रतिबद्ध है।
