चंडीगढ़ : कुमारी सैलजा ने कहा कि देश में किसानों के पास कृषि योग्य जमीन लगातार घट रही है, जबकि कर्ज की रकम लगातार बढ़ रही है। सैलजा ने गुरुवार को मीडिया को जारी बयान में कहा कि बढ़ते कर्ज के कारण हर घंटे देश में औसतन एक से अधिक किसान आत्महत्या के लिये मजबूर हो रहे हैं और फिर भी केंद्र की भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) सरकार इनकी सुध लेने के बजाय अपने पूंजीपति मित्रों की कर्जा माफी में जुटी हुई है।
उन्होंने कहा कि यह खुलासा राज्य सभा एवं लोक सभा में समय-समय पर पेश रिपोर्ट और एरनएसओ और एनसीआरबी के आंकड़ों से होता है। इससे पता चलता है कि देश की करीब 52 फीसदी आबादी रोजगार के लिये कृषि पर निर्भर है और जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत है, लेकिन, दूसरे सेक्टर के मुकाबले देश में खेती से जुड़े लोगों की स्थिति लगातार खराब हो रही है।
खेती की जमीन घट रही, किसान पर कर्ज बढ़ रहा
