लखनऊ : स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान की निंदा करते हुये उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को कहा कि धर्म से जुड़ी जनभावना को ध्यान में रखते हुये सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को इस बारे में अपना रूख साफ करने की जरूरत है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में मौर्य ने कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण की गंदी राजनीति करने वाले सपा नेता जानबूझ कर ऐसे बयान दे रहे हैं जिनसे हिन्दुओं की भावनायें आहत हों। सपा के एक नेता ने अखिलेश के प्रवक्ता के तौर पर जिस तरह से रामचरितमानस के दोहे जोड़कर बयान जारी किया और पार्टी प्रमुख ने उस पर चुप्पी साध ली, वह सवाल खड़ा करता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा “ अखिलेश खुद को भगवान कृष्ण और भगवान राम का वंशज बताते हैं। इसके बावजूद उनकी पार्टी के नेता द्वारा भगवान राम के भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान जारी करना और अखिलेश के इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधे रखना राज्य का माहौल खराब करने का प्रयास है।”
डा राम मनोहर लोहिया का नाम लेकर सपा मुखिया खुद को समाजवादी बताते हैं जबकि डॉ लोहिया ने कहा था कि भगवान राम इस देश के कर्म हैं, भगवान कृष्ण इसके दिल हैं और भगवान शिव इसके मस्तिष्क हैं। अगर वह खुद को समाजवादी मानते हैं तो उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान का विरोध क्यों नहीं किया। .
मौर्य ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अयोध्या जा रहे राम भक्तों को गिरफ्तार कर जेल में डालने का सपा का इतिहास रहा है। तत्कालीन सपा सरकार ने 30 अक्टूबर और दो नवंबर, 1990 को राम भक्तों पर गोली चलाने का आदेश दिया और अयोध्या की धरती और सरयू के पानी को रक्तरंजित करने का पाप किया है।
स्वामी के बयान पर अपना रूख साफ करें अखिलेश
