शिमला : हिमाचल प्रदेश के कई भागों में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 17 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।
केंद्र ने बताया कि 12 व 13 सितंबर के लिए कई क्षेत्रों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। उधर, राज्य में बुधवार शाम छह बजे तक जगह-जगह भूस्खलन से कई सड़कों पर आवाजाही ठप रही। वहीं दो पुल भी क्षतिग्रस्त चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त कई बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हैं। वहीं 24 घंटों के दौरान नाहन 86.4, पांवटा साहिब 46.4, धर्मशाला 35.4, चंबा 30.5, जोत 28.0 व मनाली में 20.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शिमला में भी आज मौसम खराब बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर की देर रात से 14 सितंबर तक वर्षा की गतिविधि की तीव्रता और वितरण में वृद्धि होने की संभावना है। इस अवधि के दौरान हल्की से मध्यम तीव्रता की व्यापक वर्षा होगी। बारिश की अधिकतम तीव्रता 13 सितंबर को सिरमौर, सोलन, शिमला, बिलासपुर, किन्नौर और आसपास के क्षेत्रों में होगी। इन जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। मंडी, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इस अवधि के दौरान औसत न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य रहने की संभावना है। आगामी 14 सितंबर से वर्षा की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। स्थानीय लोगों व पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इस संबंध में प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है। साथ ही अपनी यात्रा को मौसम की स्थिति के अनुसार प्लान करने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश के कारण निगुलसरी में एनएच-5 पर करीब 15 घंटे और नाथपा में 10 घंटे तक यातायात बंद रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। निगुलसरी में सोमवार शाम करीब सात बजे और नाथपा में रात करीब एक बजे पहाड़ी दरकने से यातायात ठप हुआ। निगुलसरी में 100 मीटर और नाथपा में 80 मीटर एनएच पर मलबा गिरा। मंगलवार सुबह करीब छह बजे से प्राधिकरण ने दोनों स्थानों पर एनएच पांच को बहाल करने का काम शुरू किया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एनएच पांच बहाल किया गया। जिला कुल्लू और लाहौल घाटी में भारी बारिश होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ है।
चंबा जिला में मंगलवार सुबह मूसलाधार बारिश होने से चुराह उपमंडल के साथ लगते साच पास और खजुआ बिहाली के ऊपरी पहाड़ों पर बर्फबारी हुई। मूसलाधार बारिश से भरमौर-पठानकोट हाईवे पर मलबा और पत्थर गिरते रहे हालांकि यातायात व्यवस्था बाधित नहीं हुई। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में कुछ समय के लिए मौसम खुलने के चलते 15 हवाई उड़ानें ही हो पाई। इससे हवाई उड़ानों के जरिए गौरीकुंड पहुंचने की चाह रखने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। राजधानी शिमला में मंगलवार सुबह बारिश हुई। दोपहर बाद फिर शहर में बादल बरसे।
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में मंगलवार सुबह हुई तेज मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर रहे। इसी बीच खैरी क्षेत्र में बहने वाली बरसाती नदी में तीन प्रवासी बच्चों के फंसने की सूचना कालाअंब पुलिस को मिली। बताया जा रहा है कि बच्चे नदी में खेल रहे थे कि तभी अचानक नदी में बाढ़ आ गई और बच्चे नदी में फंस गए। इन्हें रेस्क्यू किया गया।
हिमाचल में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन से कई सड़कें बाधित
