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यूपी के अस्पतालों में अराजकता का बोलबाला

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में बदहाली का आरोप लगाते हुये समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अस्पतालों में अराजकता की स्थिति है। श्री यादव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। न इलाज मिल रहा है और न दवा। मरीजों और तीमारदारों के साथ अभद्रता आम बात हो गई है। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों पर मंत्रीजी की छापेमारी का कहीं कोई असर पड़ना ही नहीं था। आम आदमी अब सरकारी अस्पतालों में जाने से डरने लगा है।
उन्होने कहा कि महसी विधायक अपनी भाभी को दिल का दौरा पड़ने पर बहराइच मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए गए थे। वहां एक घंटे तक स्वास्थ्य कर्मी इंजेक्शन तक नहीं लगा सके। काफी मशक्कत के बाद बाहर से किसी को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया गया, तब जाकर इलाज करवाया जा सका। जब सत्ता दल के विधायक की सुनवाई नहीं हो रही है तो आम आदमी का क्या होगा।
बलरामपुर के जिला महिला अस्पताल में स्टाफ नर्स और डॉक्टरों की लापरवाही से एक नवजात की जान चली गई। कारण सिर्फ इतना था कि नवजात का पिता स्टाफ नर्स को प्रसव के नाम पर 2600 रुपये नहीं दे सका था। कुशीनगर में घरवाले मरीज को ठेला पर ले जाने के लिए मजबूर हुए। अस्पतालों और एंबुलेंस की व्यवस्था चौपट है। उन्नाव में एक बेटा अपनी मां का शव ठेला पर ले गया। गोण्डा के जिला महिला अस्पताल में एम्बूलेंस में प्रसव के बाद भी तीमारदार से दो हजार रूपए वसूल लिए गए। राजधानी लखनऊ के केजीएमयू में इलाज पाना बहुत मुश्किल है। बड़े डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं रहते, रेजीडेंट्स के सहारे व्यवस्था चल रही है। लारी कार्डियोलॉजी में दिल के गंभीर मरीजों को भी इलाज नहीं मिल पा रहा है। ज्यादातर बाहर से ही दवाइयां मंगाई जा रही है।
उन्होने कहा कि समाजवादी सरकार में गंभीर मरीजों के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा, प्रसूताओं के लिए 102 एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई थी। एक रुपए की पर्ची पर मुफ्त इलाज और दवाइयों की व्यवस्था थी। गंभीर और असाध्य रोगों कैंसर, दिल, किडनी, और लीवर के इलाज की मुफ्त व्यवस्था थी। उत्तर प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अलावा लखनऊ में कैंसर अस्पताल की स्थापना भी की गई थी। जिसे भाजपा सरकार ने चौपट कर दिया है।

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