बेंगलुरु : बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने मंगलवार को शहर में बकरीद से पहले सार्वजनिक स्थलों पर पशु वध को प्रतिबंधित कर दिया है। प्रायः, बीबीएमपी सार्वजनिक छुट्टियों, महाशिवरात्रि एवं रामनवमी जैसे त्योहारों पर पशु वध पर प्रतिबंध लगाता है।
बीबीएमपी के नियमों के अनुसार, सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों, नर्सिंग होम और अस्पताल परिसर के अंदर या बाहर पशुओं का वध करने की अनुमति नहीं दी जाती है। बीबीएमपी ने कहा कि स्कूलों एवं कॉलेजों के परिसर के अंदर या बाहर, मंदिरों एवं मस्जिदों या अन्य धार्मिक स्थलों के परिसर के अंदर या बाहर तथा सार्वजनिक स्थलों और पार्कों के अंदर या बाहर भी इसकी अनुमति नहीं है।
बीबीएमपी के अनुसार, इसका उल्लंघन करने वालों पर बीबीएमपी अधिनियम 2020, कर्नाटक राज्य पशु बलिदान अधिनियम, 1959 की धारा 3 के अंतर्गत पशुओं की अवैध बलि या वध करने पर मुकदमा चलाया जाएगा। बीबीएमपी ने कहा कि इसके लिए छह महीने तक की कैद अथवा जुर्माना या दोनों का प्रावधान है और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 429 के तहत पांच वर्ष तक की जेल की सजा भी हो सकती है।
बकरीद से पहले पशु वध को प्रतिबंधित किया
