नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय से राहत मिलने के बाद विधानसभा से निकाले गये 72 अन्य तदर्थ कार्मिकों ने भी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। ये सभी 2021 में नियुक्त किये गये थे। अदालत ने राज्य सरकार से बुधवार तक जवाब पेश करने को कहा है।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की पीठ में सभी याचिकाकताओं के प्रकरण पर एक साथ सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से उनकी बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगाने की मांग की गयी है। इस प्रकरण में सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है।
सरकार की ओर से जवाब पेश करने के लिये अदालत से समय की मांग की गयी जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया और बुधवार तक जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं।
सरकार को 19 अक्टूबर को बताना है कि याचिकाकर्ताओं की तदर्थ नियुक्ति से पहले शासन से अनुमति ली गयी है या नहीं? यहां बता दें कि इससे पहले 132 तदर्थ कार्मिकों की ओर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया और अदालत ने उन्हें फौर राहत देते हुए विधानसभा सचिवालय के बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगा दी थी।
