नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिथौरागढ़ में इंजीनियरिंग कॉलेज का संचालन मड़धूरा में करने के मामले में स्वतः संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी एवं कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को दो सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।
इस मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की युगलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि प्रदेश सरकार पिथौरागढ़ के मड़धूरा में स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज को अन्यत्र स्थानांतरित कर रही है। इसके निर्माण पर 14 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि सरकार स्थानांतरण के लिए भूस्खलन का बहाना कर रही है। कालेज के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि मड़धूरा में इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए स्थानीय लोगों ने अपने चारागाह, जंगल और नाप भूमि दान में दी थी। अब सरकार इस स्थान को सुरक्षित नहीं मान रही है। वर्तमान समय में इंजीनियरिंग कॉलेज जीआईसी में चल रहा है।
सीमांत इंजीनियरिंग काॅलेज को लेकर मांगा जवाब
