लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पिछले दिनो हड़ताल के दौरान निलंबन और एफआईआर के मामले वापस लेने की मांग करते हुये बिजली कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की अपील की है।
राज्य कर्मचारी महासंघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, केन्द्र व राज्य सरकार के श्रम संघों और ट्रेड यूनियनों के शीर्ष पदाधिकारियों ने बुधवार को यहां संयुक्त बयान जारी कर बिजली कर्मियों पर हड़ताल के दौरान की गयी निष्कासन, निलम्बन और एफआईआर की कार्यवाहियाँ बावजूद वापस न लिये जाने पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है। कर्मचारी संघों ने बिजली कर्मियों के उत्पीड़न के विरोध में 24 मार्च को राजधानी लखनऊ में बी एन सिंह की प्रतिमा स्थल सरोजनी नायडू पार्क में 12 बजे से विशाल विरोध प्रदर्शन व रैली करने की घोषणा की।
राज्य सरकार के विभागों, निगमों, निकाय व विश्वविद्यालय के श्रम संघों और ट्रेड यूनियनों ने आज हाईडिल फील्ड हॉस्टल में बैठक कर बिजली कर्मियों के उत्पीड़न के विरोध में व समझौता लागू कराने के लिये एक संयुक्त मंच बनाने का निर्णय लिया। संयुक्त मंच का अध्यक्ष वरिष्ठ मजदूर नेता अमर नाथ यादव को बनाया गया।
श्रम संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे तत्काल हस्तक्षेप करें जिससे ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा द्वारा दमनात्मक कार्यवाहियाँ वापस करने के लिये ऊर्जा निगमों के चेयरमैन को दिये गये स्पष्ट निर्देश का क्रियान्वयन हो सके और ऊर्जा निगमों में कार्य का स्वस्थ वातावरण बन सके।
हड़ताली बिजलीकर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की अपील
