इंफाल : मणिपुर में पूर्वी इंफाल के सबुंगखोक खुनोउ में सशस्त्र बदमाशों ने गुरुवार को भारी गोलीबारी की, जिसके कारण लोगों को क्षेत्र से भागने पर मजबूर होना पड़ा। गांव से भागे लोगों ने कहा कि सेना ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वे कुकी उग्रवादियों को नागरिकों पर गोलीबारी नहीं करने देंगे, लेकिन उग्रवादी ग्रामीणों पर हमला करने के लिए अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। घटना को कवर करने गए पत्रकारों को सेना ने रोक दिया और इलाके में लिए गए सभी वीडियो डिलीट कर दिए गए।
इसको लेकर ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू) और एडिटर्स गिल्ड मणिपुर (ईजीएम) की एक संयुक्त बैठक हुई और एक संयुक्त बयान जारी कर उस कार्रवाई की निंदा की गई जिसमें 20 जाट रेजिमेंट और 5/4 जीआर के संयुक्त सैनिकों ने मीडियाकर्मियों को अपना कर्तव्य निभाने से रोका। दोनों संगठनों की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जाट रेजिमेंट के सैनिकों ने न केवल एक मीडिया टीम को घटना को कवर करने से रोका, बल्कि उनके मोबाइल पर जो भी फुटेज थे, उन्हें हटाने के लिए मजबूर किया। क्षेत्र के दूसरी ओर मीडिया की एक अन्य टीम को भी शुरू में घटना का कोई भी फुटेज लेने से रोका गया।
बयान में कहा गया, ”एएमडब्ल्यूजेयू और ईजीएम इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला मानते हैं। यह प्रेस को दबाने का एक प्रयास है और एएमडब्ल्यूजेयू तथा ईजीएम जवाबदेही की मांग करते हैं।” इसके अलावा एएमडब्ल्यूजेयू और ईजीएम ने तीन मई, 2023 से मीडिया पर हमलों की श्रृंखला को देखने और उचित कार्रवाई करने के लिए यूनिफाइड कमांड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह (मुख्यमंत्री के सुरक्षा सलाहकार) और राज्यपाल मणिपुर अनुसुइया उइके को एक ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया।
राज्य में मौजूद संकट शुरू होने के बाद से मीडिया बेहद कठिन परिस्थिति में काम कर रहा है। दोनों निकायों ने राज्य में सक्रिय सभी सुरक्षा बलों से अपील की कि वे मीडिया कर्मियों को उनके वैध कर्तव्यों का पालन करने से न रोकें।
सशस्त्र उग्रवादियों ने नागरिकों पर हमला किया
