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रविवार से खुलेगा एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन

श्रीनगर। केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू -कश्मीर के श्रीनगर में जबरवान पर्वत की तलहटी में स्थित एशिया का सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन इन दिनों रंग बिरंगे फूलों की मनोहारी छटा से गुलजार है और रविवार से पर्यटकों के लिए इसे खोल दिया जायेगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने यूनीवार्ता को विशेष बातचीत में बताया कि विश्वप्रसिद्ध डल झील के किनारे स्थित लगभग 16 लाख रंग बिरंगे ट्यूलिप से गुलजार इस गार्डन का उद्घाटन कल उपराज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे और इसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जायेगा। इस साल इस गार्डन में ट्यूलिप की चार नयी प्रजातियां केप नोव्या, स्वीट हार्ट, हैमिलटन और क्रिसमस ड्रीम अपने खूबसूरत रंगों के साथ पर्यटकों को लुभाने को पूरी तरह से तैयार है यह प्रजातियां दुनिया में ट्यूलिप की धरती कहे जाने वाले नीदरलैंड से यहां लायी गयी हैं। जबरवान पर्वत की तलहटी में लगभग 30 एकड़ में फैले इस ट्यूलिप गार्डन में ट्यूलिप की 68 प्रजातियां के रंगों से सराबोर कर इसे प्रकृति के अद्भुत नजारे में बदल रहीं हैं। यूं तो ट्यूलिप का फूल तीन से पांच सप्ताह तक ही खिला रहता है, लेकिन इसे यहां देश दुनिया से आने वाले पर्यटकों के लिए खूबसूरती से तराशने में हजारों मालियों ने सालभर तक अथक परिश्रम किया है। इन मालियों की साल भर की कड़ी मेहनत का ही नायाब नजारा इन दिनों ट्यूलिप गार्डन में दिखाई दे रहा है। अधिकारियों ने बताया कि गार्डन में लगे ट्यूलिप की कई प्रजातियों में से लगभग 25 प्रतिशत ही अभी तक खिलीं हैं और यदि मौसम ने साथ दिया और साथ ही तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना रहता है तो ट्यूलिप अपनी पूरी रंगत से खिलेगा और फिर यहां प्रकृति का शानदार नजारा देखने को मिलेगा। दशकों बाद पिछले साल पहली बार कश्मीर घाटी में दुनिया भर से रिकॉर्ड पर्यटक आये और उनके बीच ट्यूलिप गार्डन प्रमुख लोकप्रिय स्थानों में से एक रहा। वर्ष 2007 में गार्डन के खुलने के बाद पहली बार देश और दुनिया भर से आये तीन लाख 60 हजार पर्यटकों ने इस गार्डन में खिले ट्यूलिप का आनंद लिया। गार्डन में आने वाले पर्यटकों की पूरी सुविधा का भी ध्यान रखा गया है साथ ही दिव्यांग लोगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से व्हील चेयर्स की व्यवस्था की गयी है। गार्डन में कुछ हिस्सों को इस तरह से तैयार किया गया है जहां पर्यटक प्रकृति के अद्भुत नजारे के बीच थोड़ा विश्राम भी कर सकें।

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