जालंधर : पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डाॅ बलजीत कौर ने आज कहा कि लिंग आधारित हिंसा को रोकने और हिंसा की शिकार महिलाओं के हितों की रक्षा करने और उन्हें समर्थन देने के लिए राज्य भर में चल रहे सखी-वन स्टॉप सेंटरों के बारे में जमीनी स्तर पर जागरुकता पैदा की जाएगी ताकि प्रत्येक वर्ग विशेषकर कमजोर, अनपढ़, कम पढ़ी-लिखी, कामकाजी महिलाओं को उनकी सुरक्षा और अस्तित्व को और मजबूत किया जा सके।
लिंग आधारित हिंसा और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जागरुकता वर्कशाप और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के समापन पर संयुक्त राष्ट्र महिला के सहयोग से आयोजित राज्य स्तरीय जागरुकता कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सखी वन स्टॉप में घरेलू हिंसा, तेजाब हमलों या किसी भी प्रकार की हिंसा की शिकार महिलाओं को एक छत के नीचे दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में व्यापक स्तर जागरुकता पैदा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिसमें मुफ्त मेडिकल सहायता, पुलिस सहायता, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श सहित अस्थायी आश्रय शामिल हैं, जिसमें घर-घर जाकर इस संबंध में जागरुकता पैदा कर लिंग आधारित हिंसा पर अंकुश लगाने के लिए सोशल मीडिया की मदद ली जाएगी।
स्कूलों में यौन शिक्षा देने की वकालत करते हुए डॉ बलजीत कौर ने कहा कि यह पहल लड़कियों को यौन हिंसा और शोषण से बचाने में मददगार साबित हो सकती है। उन्होंने दिव्यांग महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा और शोषण को रोकने के लिए विशेष उपाय करने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी महिलाओं को उनके कानूनी अधिकार/न्याय प्राप्त करने में अतिरिक्त कठिनाइयों से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज के राज्य स्तरीय आयोजन से पहले पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आठ ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम और वर्कशाप विभिन्न जिलों में आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को लिंग आधारित हिंसा, इसे प्रभावी ढंग से रोकने के लिए मौजूदा कानूनी प्रावधानों, घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज रोकथाम अधिनियम, पॉक्सो, ऑनलाइन दुर्व्यवहार, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।
इससे पहले सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के डायरेक्टर माधवी कटारिया ने सखी-वन स्टॉप सेंटरों के प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य भर में इन केंद्रों में पिछले चार वर्षों में 10,500 मामलों का निपटारा किया गया है.वर्ष 2021-22 के दौरान, 1801 मामलों का निपटारा किया गया, जिनमें से 267 को पुलिस को, 301 में कानूनी सहायता, 219 में चिकित्सा सहायता, 173 में आश्रय, 840 में परामर्श प्रदान किया गया।
इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी होशियारपुर अमरजीत सिंह भुल्लर ने सखी-वन स्टॉप सेंटरों के प्रदर्शन की प्रस्तुति दी, वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
