गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

सांस्कृतिक समृद्धता का प्रतीक है अयोध्या

अयोध्या : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति आनन्दी बेन पटेल ने कहा कि अयोध्या आदि काल से हमारी सांस्कृतिक समृद्धता की प्रतीक रही है, जो आज विकास के रास्ते पर चल रही है।
डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 27वें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुये उन्होने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या अनादि काल से हमारी सांस्कृतिक समृद्धता का प्रतीक रही है। इसे आचार्य नरेन्द्र देव डा. राम मनोहर लोहिया जैसे राष्ट्र द्रष्टा की कर्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्र के मानव संस्थान के उत्कृष्ट विकास के केन्द्र होते हैं। भारत का लोकतांत्रिक एवं सांस्कृतिक हमारी धरोहर है। आज भारत विश्व भर को योग चिकित्सा की ओर प्रवृत्त कर रहा है। हमारा देश समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर प्रगतिशील है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की परिकल्पना धीरे-धीरे आकार ले रही है।
श्रीमती पटेल ने कहा कि अयोध्या के मंदिरों से प्राप्त फूलों से इत्र निर्माण कर विश्वविद्यालय सामाजिक दायित्वों की पूर्ति कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज महिला सशक्तीकरण में प्रदेश अनुकरणीय कार्य कर रहा है। प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों में छह महिला कुलपति कार्य कर रही हैं। पूरी निष्ठा से अपने दायित्व का निर्वाह कर रही हैं। राज्य विश्वविद्यालयों के दीक्षान्त समारोह में अस्सी प्रतिशत छात्राओं को स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी हर स्तर पर बढ़ रही है।
कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध परियोजनाओं के साथ वैश्विक स्तर पर शिक्षण संस्थानों के साथ एमओयू बढ़ाने की आवश्यकता है जिससे शैक्षिक स्तर में गुणवत्तापूर्ण सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को सामाजिक भागीदारी में सक्रिय भूमिका का निर्वाह करना होगा और ग्रामीण स्तर पर नागरिकों को जागरूक करना होगा, तभी सशक्त भारत की कल्पना साकार हो सकेगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिमांचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के पूूर्व कुलपति प्रो. कुलदीप चन्द्र अग्रिहोत्री ने कहा कि भारत में दीक्षान्त की परम्परा अति प्राचीन है। दीक्षा एक पावन प्रक्रिया है। इस ऋषि परम्परा से भारत को समझाने की चेष्टा करें। उन्होंने कहा कि अभी तक भारत को पश्चिमी दृष्टि से समझा गया इसी कारण भारत के साथ न्याय नहीं हो पाया। आज भारत अंगड़ाई ले रहा है। इसके आप सभी सहभागी बनें और सभी युवा देश के सबसे सशक्त प्रहरी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *