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प्रदेश में क़ानून व्यवस्था का बुरा हाल

महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार

शिमला : जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। चायल में प्रवासी महिला के साथ जो घटना सामने आई है उसने पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया है। देवभूमि में इस तरह की अमानवीयता की कल्पना तक नहीं की जा सकती है। इस घटना ने पूरे प्रदेश की छवि को धूमिल करने का काम किया है। ठाकुर ने कहा कि अब ख़ामोश बैठने का वक़्त नहीं है। इस मामले में सरकार द्वारा सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए, आरोपितों को ऐसी सज़ा मिले की वह नज़ीर बने। प्रदेश में क़ानून व्यवस्था को मज़बूत करने के के लिए सख़्त कदम उठाने की आवश्यकता है। देवभूमि में इस तरह के घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि आये दिन महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं। हर दिन के अख़बार महिलाओं के साथ हुई बर्बरता से भरे पड़े हैं। दो दिन पहले औद्योगिक नगरी बद्दी में गैंगरेप का मामला सामने आया। इस मामले में हरियाणा की पंचकुला पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करके बद्दी की पुलिस को कार्रवाई के लिए भेजा। तब जाकर मामले में कार्रवाई हुई। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं हैं।

ठाकुर ने कहा कि सोलन के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में कार्यरत युवती ने अपने कार्यालय के ही सहकर्मी पर शोषण का आरोप लगाया। मामला समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद भी इस प्रकरण में सरकार की तरफ़ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई। सरकार द्वारा इस मामले की जांच करवाई जानी चाहिए थी, जिससे युवती को इंसाफ़ मिल सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार द्वार इस तरफ़ की चुप्पी भी आपराधिक प्रवृति के लोगों का मनोबल बढ़ाती है और इंसाफ़ के लिए आवाज़ उठाने वाले लोगों का मनोबल तोड़ती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को अपराध पर नियंत्रण के लिए सख़्त कदम उठाने चाहिए, हर छोटे-बड़े अपराध की सरकार के लेवल पर मॉनिटरिंग हो। किसी भी प्रकार की घटना में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाले अपराधों पर सरकार विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि हिमाचल की छवि एक अपराध रहित राज्य के रूप में है। जहां देश भर के लोग पर्यटक और काम करने के लिए आते रहते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं प्रदेश की छवि पर बुरा असर डालती हैं। इसलिए मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि क़ानून व्यवस्था को भगवान के भरोसे न छोड़े। किसी प्रकार के अपराधी के खि़लाफ़ सख़्ती से निपटे।

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