नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बागेश्वर जिले के कपकोट में अवैध खड़िया खनन के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को निर्देश दिए कि न्याय मित्र अधिवक्ता की ओर से सील बंद लिफाफे में पेश रिपोर्ट को सभी पक्षकारों को उपलब्ध करायें। साथ ही सभी प्रतिवादियों को निर्देश दिए कि 13 अक्टूबर तक जवाबी हलफनामा पेश करें। अदालत ने पूर्व में लगाई गई रोक को आगे भी जारी रखा है।
अदालत 13 अक्टूबर को कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। बागेश्वर निवासी हीरा सिंह पपोला ने दायर जनहित याचिका में कहा है कि बागेश्वर जिले की तहसील कपकोट के रीमा घाटी, गुलमपरगढ़ व भयूं गाँव में खड़िया खनन के लिए पट्टा जारी किया गया है। जिसमें पट्टाधारकों की ओर से निर्धारित मात्रा से अधिक खनन किया जा रहा है। खनिज को बाहर ले जाने के लिए वन भूमि में अवैध रूप से सड़क भी बनायी गयी है। अवैध खनन से गांवों में दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
