नागपुर : महाराष्ट्र विधानसभा का सोमवार से शीतकालीन सत्र शुरु हुआ और पहली बार विधान भवन परिसर में स्याही वाले पेन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुणे में एक कार्यक्रम में समता सैनिक दल के दो कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर स्याही फेंके जाने के बाद यह फैसला लिया गया है। इस संबंध में एक पत्रकार समेत दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के कार्यक्रम में पत्रकारों के कलम भी चेक किए गए। इस घटना का यह असर रहा कि शीतकालीन सत्र में परिसर के अंदर आने वाले सभी लोगों के पेन चेक किए गए। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने प्रतिबंध की पुष्टि करते हुए कहा कि एहतियात के तौर पर यह कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि महापुरुषों के बारे में विवादित बयान के मद्देनजर भाजपा कुछ नेताओं की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
