भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार ने खरपतवार को नष्ट करने के लिए शाकनाशी के रूप में उपयोग किए जाने वाले अत्यधिक जहरीले पदार्थ ”पैराक्वाट” पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने यह निर्णय सार्वजनिक सुरक्षा के मद्देनजर और प्रतिकूल प्रभाव के मद्देनजर लिया है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां गुरुवार को बताया कि यह रसायन मानव स्वास्थ्य और पशुओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। प्रतिबंध आदेश प्रभावी होने के साथ ही पूरे राज्य में इस जहरीले रसायन पैराक्वाट की बिक्री/स्टॉक/वितरण/निर्माण/उपयोग पर प्रतिबंध लगगया है।
कीटनाशक अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के अनुसार प्रतिबंध प्रारंभ में दो महीने की अवधि के लिए प्रभावी होगा। राज्य सरकार अनुसंधान संस्थानों और अन्य हितधारकों से वैज्ञानिक राय लेने के बाद केंद्र सरकार को ओडिशा में इस रसायन पर स्थायी प्रतिबंध लगाने को लेकर प्रस्ताव भेजेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कृषि और किसान सशक्तिकरण विभाग को विषाक्तता के मामलों के कारण मानव जीवन की हानि को रोकने के लिए पैराक्वाट पर प्रतिबंध लगाने के मामले की जांच करने की सलाह दी थी।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में राज्य सरकार ने अब अधिकृत डीलरों द्वारा कीटनाशकों और कृषि-रसायनों की बिक्री के लिए कृषि और संबंधित सरकारी विभागों के नामित अधिकारियों के साथ-साथ ओयूएटी और कृषि अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों द्वारा प्रिस्क्रिप्शन को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में कृषि विभाग द्वारा विस्तृत दिशानिर्देश तैयार किये जायेंगे।इस संबंध में कृषि विभाग द्वारा विस्तृत दिशानिर्देश तैयार किये जायेंगे। सूत्रों ने कहा कि अनुसंधान वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार कीटनाशकों और कृषि-रसायनों का उचित उपयोग हो सकेगा और किसानों और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।
