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बेअंत सिंह हत्याकांड: राजोआना की मौत की सजा कम करने पर तीन नवंबर को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या मामले में फांसी की सजा पाए बलवंत सिंह राजोआना की सजा कम करने की उसकी याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश यू. यू. ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को राजोआना का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद कहा कि वह इस मामले की 03 नवंबर को सुनवाई करेगी।
श्री रोहतगी ने पीठ के समक्ष अनुरोध करते हुए कहा कि राजोआना मृत्युदंड को कम करने के मामले में ‘न्यायिक देरी’ के कारण पीड़ित है। शीर्ष अदालत के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, “यह व्यक्ति (रजोआना) केवल देरी के कारण पीड़ित है। उसकी मौत की सजा को कम की जानी है। अब पंजाब सरकार के हलफनामे में कहा गया है कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है। इसलिए गुरु नानक जयंती पर कोई रिहाई नहीं होगी।”
मृत्युदंड के बाद 10 साल सहित 26 सालों से जेल की सजा काटने रहे राजोआना ने शीर्ष अदालत के समक्ष अपनी मौत की सजा आजीवन कारावास में बदलने का अनुरोध किया है। केंद्र सरकार ने 2019 में गुरु नानक की 550 वीं जयंती के अवसर पर राजोआना समेत आठ अन्य दोषियों की सजा में छूट देने की घोषणा की थी।

इसी घोषणा के आधार पर राहत की उम्मीद लेकर 2020 में एक रिट याचिका दायर की थी। गौरतलब है कि वर्ष 1995 में चंडीगढ़ सचिवालय के पास हुए बम धमाकों में श्री सिंह समेत 18 लोगों की मौत हो गई थी।

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