पटना: अमित शाह की पाठशाला में पार्टी के सभी सांसदों और बिहार विधानमंडल सदस्यों को मिशन 2024 का टिप्स दिया गया। भाजपा संयुक्त मोर्चा की पहली बार हुई राष्ट्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के समापन के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में अमित शाह की पाठशाला पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में रात तक चली। इस पाठशाला में मुख्य मंच पर अमितशाह और जेपी नड्डा के साथ ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल तथा दोनों उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी भी उपस्थित रहीं।
सभी सांसदों, विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों से एक-एक कर फीडबैक लिया गया। इसके बाद संयुक्त मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक से दो दिन पूर्व 28 और 29 जुलाई को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के 200 विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास कार्यक्रम के दौरान लोगों के साथ किए गए संवाद के साथ ही सरकार की ओर से चलाए जा रहे लोक कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसी तरह सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर पर किए गए कार्यों के संबंध में भी जानकारियां ली गई। हर हाल में बूथ स्तर पर मजबूती को लेकर विशेष बल दिया गया। संगठन को और धारदार किस तरह से बनाया जाए इस पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। इसके अलावा कुछ अन्य महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए गए।
स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया गया कि वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव और वर्ष 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा का चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। साथ ही इस संकल्प को दोहराया गया कि भाजपा वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पहले से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री के पद पर आसीन करेगी।
