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पूनियां के नेतृत्व में भाजपा संगठन हुआ मजबूत

जयपुर : सतीश पूनियां के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष रहने के सवा तीन साल के दौरान पार्टी मजबूत हुई और उसने कई ऊंचाइयां छुई हैं। पूनियां के नेतृत्व में टीम राजस्थान भाजपा ने धरातल पर संगठन की मजबूती, कोरोनाकाल में सेवा कार्य और जनहित के मुद्दों पर जो कार्य किये, हर वर्ष की भांति इस बार भी पुस्तिका प्रकाशित की गई है और इस पुस्तिका में भाजपा राजस्थान संगठन के तीन वर्ष के कार्यों का उल्लेख किया गया है, जिसमें प्रदेश के 50 हजार बूथों पर फोटोयुक्त बूथ समितियों के गठन की जमीनी मजबूती से लेकर, कोरोनाकाल में ‘सेवा ही संगठन’ अभियान के जरिये करोड़ों जरूरतमंदों की मदद, कांग्रेस सरकार के खिलाफ किसान और युवाओं सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों पर जयपुर से लेकर पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं ने जो आंदोलन किये।
राजस्थान में कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच ‘भाईसाहब’ के नाम से प्रसिद्ध डा पूनियां हालांकि वर्तमान में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी उनके पास नहीं है लेकिन इससे पहले वह सवा तीन साल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की भूमिका निभाई, उसका उल्लेख इस पुस्तक में किया गया है। भाजपा केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार डॉ. पूनियां के नेतृत्व में टीम राजस्थान भाजपा ने उत्तरप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक विधानसभा चुनावों में विभिन्न सीटों पर चुनाव प्रचार एवं चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली जहां भाजपा के पक्ष में सकारात्मक परिणाम रहे वहीं आजादी के बाद पहली बार राजस्थान की राजनीतिक इतिहास में सत्तारूढ़ दल के खिलाफ किसी विपक्षी दल ने पंचायतीराज चुनाव में 33 जिलों में से 19 जिलों में भाजपा के जिला प्रमुख बने, जिसमें सत्तारूढ़ कांग्रेस के 14 जिला प्रमुख बने, जो पंचायतीराज चुनाव में किसी विपक्षी दल की सत्तारूढ़ दल के खिलाफ अब तक तक सबसे बड़ी जीत है।
“भाजपा राजस्थान, संगठन, सेवा और संघर्ष के तीन वर्ष” इस पुस्तिका के जरिए डा पूनियां का कहना है ” 14 सितंबर 2019 को प्रदेश अध्यक्ष के दायित्व की घोषणा के बाद से मैंने अपना संपूर्ण समय प्रदेश में भाजपा के संगठन को मजबूत करने, केन्द्र की लोकप्रिय मोदी सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाने और कार्यकर्ताओं को जनसेवा की प्रेरणा के लिये लगाया है।”
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के दायित्व पर संगठनात्मक, आंदोलनात्मक और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये डा पूनियां ने राजस्थान प्रदेश की सड़क और रेल मार्ग के जरिये 3.5 लाख किलोमीटर की यात्रा की। उन्होंने सभी 33 जिलों में जिला स्तर पर 250 बार प्रवास, 33 जिले और 190 विधानसभा सीटों के कई-कई बार प्रवास किया। इस दौरान भाजपा के कुल 352 में से 143 प्रधान बने, 33 में से 19 जिला प्रमुख बने, 1014 में से 505 जिला परिषद बने, 6993 में से 2863 पंचायत समिति सदस्य भी बने। प्रदेश में दस नगर निगम से पांच में महापौर भाजपा के बने, 11316 में 4541 सरंपच पार्टी के विचार के बने।
पुस्तक में भाजपा की राजस्थान में संगठनात्मक संरचना के बारे में जिक्र किया गया जिसमें 44 संगठनात्मक में से 44 जिला इकाइयां गठित की गई, 44 जिला कार्यकारिणी में से 44 गठित, कुल 19 में से 19 प्रकोष्ठ गठित, गुजरात मॉडल और उत्तरप्रदेश मॉडल की तरह 52062 बूथ समिति में से लगभग 50 हजार फोटो युक्त बूथ समितियों का गठन, सात मोर्चा में से सात गठित, 28 विभागों में से 28 गठित, 1125 मण्डल इकाई में से 1125 गठित एवं 8930 शक्ति केन्द्र में से 6251 गठित किए गए। इसी तरह लगभग 19 जिलों में जिला कार्यालयों का निर्माण हो चुका और शेष बचे जिलों में भी कार्यालय निर्माण की प्रक्रिया जारी है।
कोरोनाकाल में प्रदेश भाजपा संगठन सेवा एवं सामाजिक कार्यों के अंतर्गत लॉकडाउन के दौरान प्रदेश भाजपा संगठन द्वारा पूरे राज्य में जनसेवा के अभियान के तहत एक करोड़ 90 लाख, 25 हजार 350, सूखा राशन पैकेट वितरण, 57 लाख 33 हजार 150, रक्तदान सहित कई कार्य किए गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस सेवा सप्ताह में सामाजिक सरोकार के कार्यों में प्लास्टिक मुक्त अभियान, वृक्षारोपण, रक्तदान दिव्यांगों कृत्रिम उपकरणों का वितरण सहित कई कार्य किए गए।
इसी तरह किसान कल्याण विधेयक एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत ग्रामीणों में छोटी बड़ी चौपाल छह हजार पूर्ण, गृह संपर्क योजना 15 लाख पूर्ण, बूथ स्तर पर आत्मनिर्भर भारत लाभार्थी संख्या एक लाख 65 हजार पूर्ण। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर बूथों पर 501020 झण्डे लगे और 3169 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस दौरान भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा द्वारा जयपुर से भाजपा जन आक्रोश यात्रा का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत भाजपा ने राजस्थान में 200 विधानसभा क्षेत्रों में 1.5 लाख किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में जन आक्रोश यात्रा की और 175 से अधिक जन सभायें, 02 करोड़ से अधिक मतदाताओं से जनसंपर्क और 14 लाख 51 हजार जनसमस्यें एकत्रित हुई। जन आक्रोश यात्रा में 64 हजार चौपालें और नुक्कड़ सभायें हुईं।
डा पूनियां ने गत वर्ष अपना 56वां जन्मदिवस सामाजिक सरोकार के साथ मनाया , जिसके तहत पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनधियों, पदाधिकारियों, मित्रों और भामाशाहों के माध्यम से पूरे राजस्थान में 56 हजार से अधिक बालिकाओं के खाते मोदी सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खोले गये और सामान्य जन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना से ज्यादा से ज्यादा बालिकाओं को जोड़ने का आह्वान किया गया।
पूनियां के कार्यकाल में भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ रीट पेपर लीक सहित विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक, किसान कर्जमाफी, महिला सुरक्षा, लंबित भर्तियां, माफियाओं का आंतक, बिगड़ी कानून व्यवस्था आदि जनहित के मुद्दों पर जयपुर से लेकर प्रदेशभर में दो दर्जन से अधिक आंदोलन किए गए, जिसमें डा पूनियां कई बार चोटिल भी हुए। पूनियां इन दिनों मोदी सरकार के नौ वर्ष सुशासन को लेकर उत्तरप्रदेश की मैनपुरी, अमरोहा, संभल और मुराबादाबाद लोकसभा सीटों पर केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के साथ प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

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