रूद्रपुर/नैनीताल : उत्तराखंड में विगत 21 साल से फरार नाबालिग के अपहरण के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 25000 रुपये का ईनाम भी घोषित था।
ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मणिकांत मिश्रा के अनुसार वर्ष 2003 में ऊधम सिंह नगर के किच्छा स्थित चुटकी देवरिया से एक 13 साल की नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया था। तब नाबालिग स्कूल गयी थी।
नाबालिग के पिता विजेन्द्र मूल निवासी सेलोर, जिला सीवान, बिहार की ओर से किच्छा थाना में नाबालिग की गुमशुदगी दर्ज करायी गयी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस को जांच में नाबालिग के अपहरण के तथ्य हाथ लगे तथा अपहरण में सुरेन्द्र महतो और उसके भाई छोटे लाल निवासी महुआ, थाना बरमटियागंज, बिहार का हाथ पाया गया। छोटे लाल को पुलिस ने वर्ष 2004 में गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया था जबकि सुरेन्द्र महतो फरार हो गया। इसी दौरान अदालत ने आरोपी को फरार घोषित कर दिया।
आरोपी की तलाश में बिहार, उप्र, झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस टीमें भेजी गयीं लेकिन आरोपी हाथ नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पर 25000 रुपये का ईनाम घोषित कर दिया।
इसी दौरान किच्छा के वरिष्ठ उप निरीक्षक उमेश कुमार की अगुवाई में पुलिस की एक टीम आरोपी की तलाश में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर गयी हुई थी। पुलिस टीम को पता चला कि आरोपी बिहार बार्डर पर उप्र के देवरिया चंदौली में छिपा हुआ है।
पुलिस टीम ने चंदौली में छापा मार कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रविवार को आरोपी को किच्छा लेकर पहुंची और मीडिया के सामने पेश किया गया। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
21 साल से फरार ईनामी अपराधी बिहार बार्डर से गिरफ्तार
