चमोली : भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले मलारी हाईवे पर गिर्थी नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे सेना और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की आवाजाही प्रभावित हो गई है। सीमा क्षेत्र होने के चलते इस पुल पर आम जनता का आवागमन नहीं होता है। जोशीमठ-मलारी हाईवे पर मलारी से सुमना की तरफ आठ किमी आगे ग्रेफ कैंप के पास गिर्थी नदी पर सेना की आवाजाही के लिए पुल बना हुआ है।
रविवार सुबह करीब आठ बजे गिर्थी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे पुल की एप्रोच रोड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। पुल के दोनों ओर से पानी बह रहा है। पुल का सपोर्ट सिस्टम भी क्षतिग्रस्त हो गया है। यह क्षेत्र आबादी वाला नहीं है, जिससे इसपर आम जनता आवागमन नहीं करती है। सेना और बीआरओ की ओर से सीमा क्षेत्र में आवागमन के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।
इस बीच उच्च हिमालय से लगे सीमांत क्षेत्र में अचानक गिर्थी नदी का जलस्तर बढ़ने के पीछे आशंका जताई जा रही है कि कोई हिमखंड या ग्लेशियर टूटा हो सकता है। अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि नदी का जलस्तर अतिवृष्टि से बढ़ा है या ग्लेशियर टूटने से बढ़ा है। सेना और बीआरओ के अधिकारी मौके की ओर रवाना हो गए हैं। उनके वापस लौटने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।
