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बजट ने निराश किया किसान और नौजवानों को

लखनऊ : अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल में पेश किये गये बजट प्रस्तावों को दिशाहीन करार देते हुये कहा कि बजट महिलाओं, किसानों और नौजवानों को निराश करने वाला है।
यादव ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने की बात करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि प्रदेश की मौजूदा विकास दर को देखते हुये क्या प्रदेश को एक ट्रिलियन डालर की इकोनॉमी बनाया जा सकता है। सिर्फ भाषण देने और बोल देने से ही कुछ नहीं हो जाता है।
उन्होने कहा कि बजट में किसानों और गांव के लिए कुछ नहीं है। सरकार बताये कि क्या किसानों को उनकी फसलों की वाजिब कीमत मिल रही है। दूध कंपनियों ने दूध के दाम बढ़ा दिए। कंंपनियां मुनाफा कमा रही हैं लेकिन किसानों को उसका कोई लाभ नहीं मिला। डीजल, पेट्रोल, कीटनाशक, खाद, बीज सब महंगा हो गया है। डीजल की कीमत बढ़ने से सड़क अस्पताल के निर्माण से लेकर खेती किसानी के कार्य सब महंगा हो जाता हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में नौजवानों की नौकरी रोजगार के लिए कुछ नहीं है। बजट में इन्वेस्टमेंट पॉलिसी या उद्योग धंधे लगाने के लिए कोई राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया गया। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट पर तंज कसते हुये उन्होने कहा “ सरकार को केवल मेला लगाना आता है। बड़े उद्योगपतियों से मिल लेने से इन्वेस्टमेंट नहीं आता है। सरकार बताए कि उसने नये उद्योगों के लिए में क्या सहूलियत दी और क्या इंसेंटिव पैकेज दिया है। देश भर की कई अन्य राज्यों मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात में इन्वेस्टमेंट मीट हो रहे हैं यही उद्योगपति सब जगह जा रहे हैं। सरकार बताए कि वह अलग से क्या सुविधा दे रही है। जिसके कारण उद्योगपति यहां उद्योग लगाने और निवेश करने आएगा।”
उन्होने कहा कि सरकार बिजली महंगी कर रही है ऐसे में कौन उद्योग लगाने आएगा। इस सरकार ने एमएसएमई सेक्टर को बर्बाद कर दिया है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नहीं बल्कि ईज आफ डूइंग क्राइम है ।
यादव ने कहा कि बजट में कोई नई योजना नहीं है। सात साल सरकार चलाने के बाद यह सरकार अभी तक कोई नया स्टेडियम नहीं बना पायी। यूपी में जितन मेट्रो बनाने का फैसला समाजवादी सरकार में हुआ था वही आज बन रही है। लखनऊ और कानपुर मेट्रो एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी। मुख्यमंत्री को मेट्रो बनाना नहीं आता। सात साल में वाराणसी और गोरखपुर में नहीं बना पाए।
उन्होने कहा कि गन्ना किसानों के साथ लगातार धोखा हुआ। मां गंगा की सफाई का वादा झूठा साबित हुआ। सिर्फ बिल्डिंग बना देने से मेडिकल कॉलेज नहीं बन जाता है वहां फैकेल्टी और लैब से लेकर डॉक्टर सब चीज की जरूरत होती है। सरकार मेडिकल कॉलेज नहीं बना पा रही है और उन्हें प्राइवेट दे रही है। अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में गरीबों का इलाज नहीं मिल पा रहा है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार गंगा एक्सप्रेसवे की बात कर रही है लेकिन अब उसके निर्माण पर संकट मंडराता दिख रहा है। जो लोग बना रहे थे उनकी कंपनी ही संकट में आ गई है। ऐसे में गंगा एक्सप्रेस वे का क्या होगा। इसका पता नहीं है। सरकार की गलत नीतियों से पूर्वांचल एक्सप्रेस वे लगातार घाटे में जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का एलाइनमेंट समाजवादी सरकार में जितना हुआ था भाजपा सरकार उसके आगे एक इंच नहीं बढ़ा पायी। मुख्यमंत्री गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस भी पूरी तरह से नहीं बना पाए। सरकार पिछले बजट का अभी तक सिर्फ 50 फ़ीसदी खर्च कर पाई है। उसके पहले बजट का 30 फ़ीसदी खर्च ही नहीं हुआ था।

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