महोबा : बुंदेलखंड के विकास को लेकर पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुये योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाजन की राजनीति करने वाले देश के विकास को बाधित करते हैं मगर हमें नकारात्मक सोच को दरकिनार कर विकास की ओर बढ़ना है और आज बुंदेलखंड विकास के रास्ते में बहुत आगे बढ़ चुका है।
केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ 3500 करोड़ से अधिक की राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद श्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य हुआ है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड की लाइफलाइन बन चुकी है। हर घर नल योजना साकार रूप ले रही है। दुश्मन को दहलाने के लिए डिफेंस कॉरिडोर नए सिरे से खुद को तैयार कर रहा है।
उन्होने कहा कि संयोग है कि विकास की आधुनिक सोच के साथ गडकरी ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक रूप में बदलकर अर्थव्यवस्था की रफ्तार को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में जो योगदान दिया है, वह अविस्मरणीय व अभिनंदनीय है। आज हर बुंदेलखंडवासी आह्लादित है। बेहतर कनेक्टिविटी होती है तो इंफ्रास्ट्रक्चर का योगदान विकास के लिए वैसे ही होता है, जैसे शरीर में हड्डियों के ढांचे का होता है। यदि हड्डियां न हो तो शरीर की स्थिति क्या होती। विकास को तीव्र गति से बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है।
योगी ने कहा कि इस बार यूपी शासन के बजट में भी बहुत कुछ दिया है। झांसी के लिए औद्योगिक डवलपमेंट अथॉरिटी निर्माण के लिए छह हजार करोड़ की व्यवस्था की है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हाइवे को झांसी व चित्रकूट तक पहुंचाने का कार्य भी करने जा रहे है। बांदा से चित्रकूट के बीच भी नए औद्योगिक डवलपमेंट अथॉरिटी निर्माण की कार्रवाई बढ़ाने जा रहे हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हाइवे पर दो नए औद्योगिक कलस्टर विकसित करने के लिए धनराशि की व्यवस्था की है। पिछले दिनों ओरछा में गडकरी आए थे। पहली बार कोई केंद्रीय मंत्री एक महीने में दो बार बुंदेलखंड का दौरा कर रहे हैं और एक माह में यूपी में उनका चौथा दौरा है। आज विकास नई रफ्तार से बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में बुंदेलखंड के लिए 4 लाख 30 हजार करोड़ व महोबा के लिए 24 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। क्या पहले कोई यहां निवेश के लिए सोचता था, लेकिन यह इंफ्रास्ट्रक्चर व बेहतर कानून व्यवस्था की स्थिति आपको विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचा रहा है। अर्जुन सहायक परियोजना के साथ सिंचाई की बड़ी परियोजनाओं ने मूर्त रूप लिया। यहां के लोगों की भावनाओं के अनुरूप सिंचाई व पेयजल के लिए उत्तम व्यवस्था देने जा रहे हैं। अर्जुन सागर परियोजना, उर्मिल बांध, कबरई व लहसुरा बांध परियोजनाएं शुद्ध पेयजल के साथ किसानों के खेतों में पानी पहुंचाएगी।
विकास के पथ पर आगे बढ़ चुका है बुंदेलखंड
