बड़वानी : मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले की अंजड़ थाना पुलिस ने न्यायालयीन दस्तावेजों में कूट रचना करने के मामले में एक अधिवक्ता और न्यायालय के प्रवर्तन लिपिक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) कुंदन सिंह मंडलोई ने बताया कि प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी पंकज सविता के प्रतिवेदन पर पुलिस ने व्यवहार न्यायालय अंजड़ के प्रवर्तन लिपिक अमित सिंह कुशवाह और अधिवक्ता संजय गुप्ता के विरुद्ध धोखाधड़ी और अन्य धाराओं के तहत कल मामला दर्ज किया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मिलीभगत कर आदेश पर कूटरचना कर जुर्माने की राशि लिखी और अधिवक्ता ने कृषि उपज मंडी सचिव के कार्यालय में अनधिकृत राशि जमा कर जब्त किए हुए वाहन को मुक्त कराया।
उन्होंने बताया कि दरअसल एक वाहन को कृषि उपज मंडी अंजड़ ने किसी गड़बड़ी के चलते जब्त किया था। उस वाहन को छुड़ाने के लिए अधिवक्ता संजय गुप्ता द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया था। अधिवक्ता ने न्यायालय के प्रवर्तन लिपिक को बताया कि न्यायाधीश ने पांच गुना मंडी शुल्क 71 हजार 690 रुपए प्रशमन शुल्क 5000 रुपए जमा कराने के लिए कहा है। इस पर लिपिक ने उक्त राशि आदेश में लिख दी और अधिवक्ता ने इसे कृषि उपज मंडी समिति को प्रस्तुत कर राशि जमा कराने के बाद वाहन छुड़ा लिया।
उन्होंने बताया कि कृषि उपज मंडी समिति ने आदेश के पालन की सूचना न्यायालय को प्रदान की, तब पता चला कि दरअसल न्यायाधीश पंकज सविता ने इस तरह की राशि का कोई आदेश पारित नहीं किया था। इस पर न्यायाधीश ने बड़वानी के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला को पत्र लिख मामले की जांच के लिये कहा था। पुलिस अधीक्षक द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर डी प्रजापति द्वारा जांच करवाकर प्रतिवेदन जिला एवं सत्र न्यायाधीश को प्रस्तुत किया गया था।
धोखाधड़ी के मामले में अधिवक्ता और लिपिक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज
