चेन्नई : एम. के. स्टालिन ने शुक्रवार को ‘चेन्नई संगमम’ का उद्घाटन किया। तमिलनाडु की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विभिन्न पारंपरिक लोक कलाओं को प्रदर्शित करने वाला यह त्योहार इस साल 10 साल के अंतराल के बाद मनाया जा रहा है।
द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) लोकसभा सांसद कनिमोझी द्वारा शुरू किये गए इस कार्यक्रम को इस बार एक पूर्ण सरकारी कार्यक्रम के रूप में मनाया जा रहा है। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री स्टालिन ने शुक्रवार शाम शहर के द्वीप मैदान में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ किया।
द्रमुक जब राज्य में सत्ता में थी, तब चेन्नई संगमम कार्यक्रम हर साल आयोजित होता था।एक दशक के अंतराल के बाद 2021 में द्रमुक के सत्ता में लौटी। इसके बाद राज्य सरकार ने पिछले साल पोंगल त्योहार के दौरान इसी तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया था और इसे संगमम की बजाय ‘नम्मा ओरु थिरुविझा’ (‘हमारे शहर का त्योहार’) नाम दिया था। इस कार्यक्रम में पुस्तक मेला, साहित्य कार्यक्रम और पुरस्कार वितर समारोह आयोजित किए जाएंगे।
कनिमोझी द्वारा समन्वित किया जाने वाला यह कार्यक्रम साल के अंत तक राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी आयोजित किया जाएगा। थूथुकुडी से लोकसभा सांसद ने कहा, “हमने राज्य को सात क्षेत्रों में विभाजित किया है और इन स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।”इस मौके पर राज्य के उद्योग, तमिल आधिकारिक भाषा एवं तमिल संस्कृति मंत्री थंगम थेनारासु भी उपस्थिति थे।
उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम 14 से 17 जनवरी तक 16 स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पार्क और खेल के मैदान शामिल हैं।
इस समारोह में लोक कला और संगीत सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ शास्त्रीय कलाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसमें युवा बैंड भी शामिल होंगे। चेन्नई संगमम में कुल 170 समूह प्रस्तुति देंगे और सभी आयोजनों में प्रवेश निःशुल्क है।
10 साल बाद हुआ चेन्नई संगमम का आयोजन
