सिरसा : देश के विभन्न राज्यों में फर्जी फर्मों के सहारे काली कमाई कर शीशमहल खड़ा करने वालों पर कड़ा प्रहार करते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) टीम ने करोड़ों रुपए के जीएसटी घोटाले के मुख्य सरगना व सिरसा के एफ ब्लॉक निवासी पदम बंसल को दिल्ली के द्वारका क्षेत्र से दबोचने में सफलता हासिल की है। पदम बंसल के खिलाफ फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपए के राजस्व घोटाला करने के आरोप में करीब 14 अभियोग केवल सिरसा शहर थाना में दर्ज है। उसने अपने पारिवारिक सदस्यों तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर करीब 21 फर्जी फर्मों के जरिये सिगरेट का कारोबार हरियाणा, राजस्थान, पंजाब तथा गुजरात में दर्शा कर सरकार को करोड़ों रुपयों का राजस्व नुकसान पहुंचाया है।
सिरसा के पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि फर्जी फर्मों का मुख्य सरगना पदम बंसल लगातार पुलिस की गिरफ्तार से बचने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा था। उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर उसे दिल्ली से दबोचा गया है। पदम बंसल को अब सिरसा अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा और रिमांड अवधि के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल कर उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
श्री विक्रांत भूषण ने बताया कि पदम बंसल के खिलाफ फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपए के घोटाला करने के मामले में करीब 14 अभियोग शहर थाना सिरसा में दर्ज है, तथा उसने अपने पारिवारिक सदस्यों तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर करीब 21 फर्जी फर्मों का गठन किया हुआ है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि जांच के दौरान सामने आया है कि पदम बंसल ने आबकारी एंव कराधान विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर हरियाणा, राजस्थान, पंजाब तथा गुजरात क्षेत्र में सिगरेट का फर्जी कारोबार दिखाकर अपने नौकरों तथा ड्राइवरों के नाम फर्जी फर्मों का गठन कर करीब छह करोड़ रुपए का सरकार को चूना लगाया है। उन्होंने बताया कि अभी जांच जारी है और जांच के दौरान उसके अन्य सहयोगियों तथा अन्य घोटालों के बारे में पदाफज़श होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि पदम बंसल की पत्नी आशारानी, उसका बेटा अमित बंसल ,बेटे का साला कपिल तथा महेश बंसल जैसे अनेक मुख्य आरोपियों को एसआईटी टीम पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अभी तक एसआईटी टीम ने फर्जी फर्मों के घोटाले के मामले में दो अधिकारियों सहित 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फर्जी फर्मों के माध्यम से सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाने के मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जिस भी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाएगी उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
