हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के चित्रकूटधाम मंडल में बिजली चोरी के मामले में चित्रकूट जिला पहले स्थान पर पाया गया है। मंडल के मुख्य अभियंता सुनील कपूर ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि मंडल में सबसे ज्यादा बिजली चोरी चित्रकूट जिले में हो रही है। यहां पर लाइन लास 22 फीसदी से ज्यादा है। मंडल में दो लाख 84 हजार उपभोक्ता ऐसे है जिन्होने अभी तक एक बार भी बिजली की बिल नही जमा किया है जिसमे 58 हजार उपभोक्ता सिर्फ हमीरपुर जिले से है।
उन्होने कहा कि हमीरपुर मेें बिजली चोरी रोकने के लिए 87 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगें। इसमें हमीरपुर तहसील में 45.58 करोड़ व राठ में 41.85 करोड़ धनराशि का आवंटन शासन ने कर दिया है। इस बजट से बिजली पोल, जर्जर लाइन व अन्य काम इस धनराशि से कराए जाएंगें। बिजली चोरी रोकने के लिए आरडीएसएस योजना लागू की गई है।
इसके तहत अभी तक हमीरपुर जिले में दस फीसदी काम कराया गया है। इसी प्रकार बिजनेस प्लान के तहत जनपद में 163.32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है जिसमें ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि, 33 केवी लाइन निर्माण व ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि का कार्य किया जाएगा।
मुख्य अभियंता ने कहा कि ग्रीष्मकालीन बिजनेस प्लान के तहत शासन द्वारा हमीरपुर को 35.71 लाख रुपए की धनराशि आवंटित की है। जिसमें लो वोल्टेज, क्षतिग्रस्त डीसीबी बदलने का काम किया जाएगा। पूरे मंडल में 70 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है। इसी प्रकार हमीरपुर जिले में सीमा विस्तार योजना के तहत जो नए गांव लिए गए हैं।
उनके विद्युतीकरण के लिए 4.31 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। जनपद में निजी नलकूप के फीडर की व्यवस्था का काम अलग करने को शासन ने कहा है जिन फीडरों में 30 फीसदी से अधिक नलकूप कनेक्शन हैं। उनको अलग से फीडर दिया जाएगा। इसके तहत 11 में से नौ फीडरों का काम पूरा कर लिया गया है।
