एसजीपीसी ने बनाई जांच कमेटी
फतेहगढ़ : पंजाब में फतेहगढ़ साहिब के बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प के मामले में कॉलेज संचालक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गुरुवार को चार सदस्यीय जांच समिति बनाने की घोषणा की। एसजीपीसी अध्यक्ष वकील हरजिंदर सिंह धामी ने कॉलेज की प्रबंध समिति, छात्रों से बैठक के बाद जांच समिति के गठन की घोषणा की, जो जल्द से जल्द मामले पर रिपोर्ट देगी। एडवोकेट धामी ने कहा कि समिति में एसजीपीसी के उपाध्यक्ष अवतार सिंह रिया, शिरोमणि अकाली दल सचिव जगदीप सिंह चीमा, एसजीपीसी सदस्य करनैैल सिंह पंजोली और वकील अमरदीप सिंह धरनी शामिल हैं।
उन्होंने निजी सुरक्षा एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच झड़प के बाद कुछ सुरक्षाकर्मियों को हटाया गया है और एजेंसी को बाकी सुरक्षाकर्मियों को बदलने का निर्देश भी दिया गया है। झड़प में संलिप्त छात्रों के बिहार से होने के कारण इसे मुद्दा बनाने की कोशिशों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह छात्रों से स्थानीय या किसी और प्रदेेश से होने के आधार पर कोई भेेदभाव नहीं करते। इस झड़प में दो छात्र और दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गये थे। कॉलेेज के प्रिंसिपल डॉ लखवीर सिंह ने ऐसी अफवाहों को गलत बताया कि बिहार के छात्र कॉलेज छोड़कर जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोई भी छात्र कॉलेज छोेड़कर नहीं जा रहा, जिनकी परीक्षाएं नहीं हैं, कुछ समय के लिए घर जा रहे हैं। इस बीच, आज सिक्ख उपदेशकर्ता अमृतपाल सिंह के संगठन ‘वारिस पंजाब दे‘ के सदस्य पप्पलप्रीत सिंह ने कॉलेज के मुख्यद्वार पर मीडियाकर्मियों से बातचीत में मांग की कि एसजीपीसी को कॉलेज में सिक्ख छात्रों को 95 फीसदी आरक्षण देेना चाहिए। उन्होंने आरोेप लगाया कि बाहर के छात्र संस्थान के नियमों का उल्लंघन करते हैं।
उन्होंने एसजीपीसी सदस्यों व कॉलेज की प्रबंध समिति से मिलकर स्थानीय छात्रों की सुरक्षा को गंभीरता से लेने को भी कहा। पुलिस ने झड़प के मामले में अज्ञात छात्रों और अज्ञात सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस उपाधीक्षक गुरबंस सिंह ने कहा कि विवाद मामूली था लेेकिन कुछ तत्व विवाद बढ़ाने के लिए लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
