नई दिल्ली : झारखंड के कोडरमा जिले के अभ्रक खदान क्षेत्रों के सुदूरवर्ती गांवों की 3,800 बालिकाओं ने जिले के डोमचांच में आयोजित अनोखे ‘सत्यार्थी खेल महोत्सव’ में बढ़-चढ़कर भाग लिया। महोत्सव में भाग लेने वाले बच्चे कभी माइका – अभ्रक खदान में बाल मजदूर थे। महोत्सव का आयोजन 500 से ज्यादा बाल मित्र ग्राम की बाल पंचायतों के ‘चाइल्ड लीडर्स’ के नेतृत्व में किया गया। यह महोत्सव 27 दिसंबर से शुरू हुआ और मंगलवार को इसका समापन हुआ।
महोत्सव समापन कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के नेतृत्व में ‘बचपन बचाओ’ की जो मुहिम दो दशक पूर्व अभ्रक बहुल जिले कोडरमा, गिरिडीह व नवादा में चलाई जा रही है, उसका सकारात्मक परिणाम हम सभी देख रहे हैं। बाल मजदूरी, बाल दुर्व्यापार एवं बाल विवाह की रोकथाम कर सुदूरवर्ती बाल मित्र ग्रामों की बालिकाएं प्रतिभा दिखा रहीं हैं।
बाल मजदूर ‘खेल महोत्सव’ का रंगारंग समापन
