भोपाल : मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के लगभग चार दिन बाद नई सरकार के गठन पर बने हुए असमंजस के बीच अगले दो से तीन दिनों में मुख्यमंत्री पद को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पूरी तस्वीर को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि आज नयी दिल्ली में हुई भाजपा संसदीय दल की बैठक के बाद कुछ हद तक इस असमंजस को लेकर स्थिति साफ हो सकती है। इसके पहले कल भी नयी दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं के बीच अनौपचारक बैठकें हुईं हैं। कल ही राज्य के उन सभी सांसदों, जिन्होंने हालिया विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की है, ने सांसद पद से इस्तीफे दे दिए। ऐसे में अब मुख्यमंत्री पद को लेकर कई प्रकार की अटकलें लगाईं जा रही हैं।
राज्य में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा के अलावा पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का नाम भी मुख्यमंत्री पद के लिए प्रमुखता से सामने आ रहा है।
इनमें से श्री तोमर, श्री पटेल, श्री सिंधिया और श्री शर्मा जहां इन दिनों दिल्ली में हैं, वहीं मुख्यमंत्री श्री चौहान लगातार राज्य में स्थान-स्थान पर प्रवास कर रहे हैं। तीन दिसंबर को आए चुनाव परिणाम में राज्य में भाजपा को ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त हुआ है। राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 163 भाजपा के खाते में गई हैं। कांग्रेस को महज 66 सीटें प्राप्त हुई हैं। एक सीट सैलाना अन्य के खाते में कई है।
