जयपुर: राजस्थान के खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने केन्द्र की मोदी सरकार पर पूर्वी राजस्थान नहर योजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं देकर जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पानी के लिए इस योजना को लेकर कांग्रेस राज्य में आंदोलन करेगी। खाचरियावास ने ईआरसीपी को लेकर कांग्रेस के सम्मेलन में भाग लेने से पहले मीडिया से प्रेस वार्ता में यह बाते कही। उन्होंने कहा कि राज्य से 25 सांसद जीतकर केन्द्र में गए हैं और केन्द्र की मोदी सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं, क्या इन सांसदों की जिम्मेदारी नहीं है कि वे जनता के मुद्दों पर काम करे। उन्होंने कहा कि तेरह जिलों की इस योजना को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद आगे आकर काम कर रहे हैं और राज्य सरकार ने इसके लिए नौ हजार करोड़ से अधिक का बंदोबस्त भी किया है लेकिन केन्द्र सरकार इसका काम रोकने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी क्या समस्या हैं कि केन्द्र सरकार जनता का पानी रोकने में लगी हैं। उन्होंने कहा कि इसे लेकर चाहे दिल्ली में प्रधानमंत्री का घेराव करना पड़े। जरुरत पड़ने पर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली कूच करना पड़े तो भी किया जायेगा और कांग्रेस राज्य में आंदोलन करेगी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है और वह जो कर रही है वह जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान के सम्मान की बात है और यह हमारा हक है जिसके लिए लड़ना पड़े, लड़ा जायेगा।
इसी तरह सम्मेलन में भाग लेने आये गृह राज्य मंत्री राजेन्द्र यादव ने कहा कि ईआरसीपी केवल किसानों का ही मामला नहीं हैं यह आम जनता के पेयजल का मामला भी है और इस पर केन्द्र की सरकार ने झूठे वादे किए और इस पर कोई काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस काम के लिए आगे आई हैं लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार टस की मस नहीं हो रही है। राज्य क्रीड़ा परिषद की अध्यक्ष एवं विधायक कृष्णा पूनियां ने कहा कि यह योजना भाजपा के शासन में बनी और आज वह इससे पीछे क्यों हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बड़ा प्रोजेक्ट हैं और राज्य सरकार जनता की प्यास बुझानी चाहती है। उन्होंने केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि उसे ईआरसीपी पर काम करना चाहिए।
