नई दिल्ली : हिमंता बिस्वा सरमा के चार वर्णों को लेकर दिए बयान को मनुवादी मानसिकता करार देते हुए उनके बयान की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस नेता उदित राज ने शुक्रवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि श्री सरमा का शूद्र का कर्म ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य की सेवा करना है वाला बयान भाजपा की सोच का प्रतीक है। भाजपा नहीं चाहती है कि पिछड़ा-दलित और शोषित वर्ग मजबूत हो और इस समाज के लोगों को उनका हक मिले।
उन्होंने कहा कि बिस्वा सरमा ने एक्स पर एक श्लोक पोस्ट किया है जिसमें वैश्य, शूद्र, ब्राह्मण और क्षत्रिय के गुणों वाले लोगों के कर्तव्यों बताते हुए कहा गया है कि शूद्र वर्ण के लोगों का काम तथाकथित ऊंची जाति के लोगों की सेवा करना है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह भाजपा की सोच वाला बयान है और इस बयान के मूल में नरेंद्र मोदी हैं। उनका कहना था कि मोदी ने 2007 में ‘कर्मयोग’ नाम से एक किताब लिखी थी। उन्होंने कहा कि मोदी को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का यह बयान उनकी मानसिकता को इंगित करता है जिसका मकसद दलितों, ओबीसी और आदिवासियों की सामाजिक विकास की भागीदारी खत्म करके फिर से वर्ण व्यवस्था को बहाल करन संविधान को नष्ट करना है।
कांग्रेस ने बिस्वा सरमा पर साधा निशाना
